गुगाल पर्व पर शिलाई में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
हजारों लोगों ने आस्था और श्रद्धा से मनाया पर्व
देव गायन, भजन कीर्तन का हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई में सोमवार को गुगाल पर्व की धूम रही। शिलाई क्षेत्र के कई गांवों के लोगों ने इसे मिलजुल कर मनाया। इस पर्व को लेकर लोगों में भारी आस्था देखी गई। हर आयु वर्ग के लोगों ने इस पर्व में शिरकत की। सोमवार को नवमी के अवसर पर गुग्गा जाहरपीर की छड़ियों की झांकियां भी निकाली गईं, जो क्षेत्र के कई मार्गों से होती हुई गुग्गा माड़ी पहुंचीं। यहां पहुंचने से पहले 12 जगह इसका पड़ाव हुआ, जहां लोगों ने श्रद्धा के साथ माथा टेका।
गुग्गा मेड़ी माड़ी धार में देव गायन, गुग्गा बार और भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। इसमें क्षेत्र के कई गांवों के लोगों ने शिरकत की। इस दौरान श्रद्धालुओं को मीठे रोट का प्रसाद भी वितरित किया गया। गौरतलब है कि दशकों से यहां गुगाल पर्व का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। इसके आयोजन को लेकर लोगों में मान्यता है कि शिलाई धार की चोटी पर पहले जब कोई सफेद पशु या सफेद वस्त्रों में कोई आदमी आता था तो उसकी उसी समय मृत्यु हो जाती थी। ज्योतिषी के सुझाव पर यहां गुग्गा जाहरवीर की छड़ी लेकर आए और माड़ी धार में इसकी स्थापना की, जिससे यह सब बंद हो गया। तबसे यहां गुगाल पर्व का आयोजन किया जाता है। इस पर्व के दौरान हजारों की संख्या में लोग एक जगह इकट्ठे होते हैं। पूरी रात देव गायन, देव जागरण, गुग्गा गायन आदि करते हैं। देवता का आशीर्वाद लेने के लिए लोग अगली सुबह तक वहां रुकते हैं।