नाहन (सिरमौर)। कामकाज में तेज तर्रार और सख्त मिजाज छवि रखने वाले दिलीप सिंह नेगी को प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक पद से हटा दिया गया है। उन्हें वापस ओएसडी के पद पर तैनात किया गया है। सरकार ने शिक्षा उपनिदेशक उच्च को प्रारंभिक शिक्षा का ही अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। नेगी को हटाए जाने पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि कड़े फैसले लेने पर ही उन पर कार्रवाई हुई है।
गौरतलब है कि हाल ही में दिलीप सिंह नेगी ने पीटीएफ के जिला अध्यक्ष को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने कई शिक्षकों के वेतन पर भी रोक लगा दी थी। ताबड़तोड़ फैसलों से नेगी जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गए। लेकिन बीते दिन ही सरकार की ओर से दिलीप सिंह नेगी को शिक्षा उपनिदेशक का पद छोड़ने का फरमान जारी होे गया। उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद भी छोड़ दिया है। दिलीप सिंह नेगी ने शिक्षा उपनिदेशक के पद पर रहते हुए 6 महीने में सिर्फ एक कैजुअल लीव ली। उनका दो महीने का अवकाश भी लैप्स हो गया।
छह माह के कार्यकाल में दिलीप सिंह नेगी के कामकाज का विभाग में खासा असर दिखाई दिया। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई हुई तो लंबित पड़ी फाइलों के निपटारे में तेजी दिखी। उनके कार्यकाल में विभिन्न श्रेणियों में साढ़े पांच सौ से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिला। नेगी को इसलिए भी अलग पहचान मिली क्योंकि वे सिरमौर के कई ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में स्थिति जानने पहुंचे जहां अफसर नहीं जाते थे। बीते दिन भी वह पच्छाद के दुर्गम स्कूल कलोह पहुंचे थे।