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करंट वाली तारों में फंसे बंदर के बच्चे का बचाया जीवन

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करंट वाली तारों में फंसे बंदर के बच्चे का बचाया जीवन
ड्यूटी के साथ महिला कांस्टेबल ने निभाया मानवता का फर्ज
हितेश शर्मा
नाहन (सिरमौर)।
सामने भारी ट्रैफिक और साथ लगते बिजली के एक पोल पर फंसे बंदर के बच्चे का जीवन। दोनों ही परिस्थितियों से निपटना काफी मुश्किल था। ऐसे में पहला कर्तव्य यही था कि पहले सड़क से ट्रैफिक को कम किया जाए। इसके बाद ही दूसरे कार्य के बारे में सोचा जा सकता था। इन दोनों बातों को महिला कांस्टेबल मन ही मन सोच रही थी। दूसरे कार्य से निपटना काफी जोखिम भरा इसलिए भी था क्योंकि बंदर का एक छोटा बच्चा करंट मार रही तारों के बीच अपनी सुरक्षा के लिए जोर-जोर से चिल्ला रहा था।
दरअसल यह वाक्या शुक्रवार को सुबह पौने 12 बजे कोऑपरेटिव बैंक के समीप बनी पुलिस की गुमटी पर पेश आया। इस दौरान सड़क पर ट्रैफिक का भारी दबाव तो था ही लेकिन गुमटी के बाहर बिजली के एक पोल पर तारों के जाल में फंसा बंदर का बच्चा अपनी मां को पुकार रहा था।
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ट्रैफिक के दबाव के बावजूद महिला कांस्टेबल का ध्यान बच्चे के असुरक्षित जीवन पर भी था। शायद सोचा यही जा रहा था कि इसका जीवन कैसे बचाया जाए। इस दौरान दर्जनों लोगों की भीड़ की नजर भी खंभे पर फंसे छोटे बंदर पर पड़ी लेकिन किसी के मन में उसे बचाने की तरकीब न सूझी। जैसे ही ट्रैफिक कम हुआ, महिला कांस्टेबल साथ लगती एक दुकान पर पहुंची। वहां से ब्रैड खरीदने के बाद सड़क के साथ बनी एक दीवार पर रख दिए। ब्रैड को इस तरह से रखा गया कि पोल में फंसे बंदर की नजर ब्रैड पर पड़ जाए। साथ ही उसे वहां तक सुरक्षित पहुंचने के लिए एक सुरक्षित रास्ता भी मिल जाए। फिर क्या था, आसपास के बंदरों की नजर ब्रैड पर पड़ गई। बंदरों की इसी भीड़ में छोटे बच्चे की मां भी पहुंची। अपनी मां को देखते ही खंभे से बिजली तार की सहायता से बंदर उसी स्थान पर पहुंचा। बंदर की मां ने पहले अपने बच्चों को पेट से लगाया और ब्रैड उठाकर वहां से चलती बनी। महिला कांस्टेबल के इस कार्य की आसपास के लोग भूरी-भूरी प्रशंसा करने लगे। वहीं महिला कांस्टेबल ने भी ड्यूटी के साथ एक बच्चे का जीवन बचाकर मानवता की मिसाल पेश की।
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बाक्स--
पहले भी करंट से मर चुके हैं बंदर के बच्चे
शहर में बिजली के तारों के जाल के बीच कई बंदर अपने जीवन से हाथ धो चुके हैं। हालांकि, बड़े बंदर, करंट मारने वाली बिजली की तारों से सुरक्षित निकल जाते हैं लेकिन छोटे बंदरों को इसकी जानकारी न होने के कारण कई बंदर करंट से मर चुके हैं।
----------हितेश शर्मा
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