शिलाई (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र के लादी क्षेत्र के अंबोटा व मिनस निवासी दूषित पानी पीने को विवश हैं। प्रदेश सरकार जनता को बेहतर पेयजल सुविधा देने का दावा करती है लेकिन, यहां की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। ग्राम पंचायत शंखौली के मिनस और अंबोटा के दजर्नों परिवार मिनस खड्ड से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
अंबोटा व मिनस निवासी विनोद कुमार, सुनील कुमार, जंगलीराम, जीतराम शर्मा, जगतराम, कपिल शर्मा, कृपाराम, कल्याण सिंह, महेंद्र सिंह शर्मा, नागचंद, बिजाराम व दिनेश सहित दो दर्जन से ज्यादा परिवारों के लोगों का कहना है कि आजादी के 73 वर्ष बाद भी उन्हें पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वे लोग मिनस खड्ड का दूषित पानी पीकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, जिससे हमेशा जल जनित रोगों के फैलने का डर रहता है। बरसात के चलते वर्तमान में मिट्टी युक्त पानी आ रहा है। इसके सेवन से जल जनित रोगों के फैलने का भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग से वह कई बार इस समस्या को उठा चुके हैं, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा। विभाग ने संयारली खड्ड से अंबोटा मिनस के लिए प्रवाह पेयजल लाइन के टेंडर लगा दिए हैं। पाइप भी भेज दिए हैं लेकिन 6-7 माह बीत जाने के बावजूद लाइन का निर्माण नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने विभाग और सरकार से मांग की है कि उनकी इस पेयजल लाइन का जल्द निर्माण करवा कर उन्हें खड्ड के दूषित पानी से मुक्ति दिलाई जाए। उधर, इस संबंध में अधिशासी अभियंता सिंचाई मंडल नौहराधार अरशद रहमान ने बताया कि जल्द पेयजल लाइन का कार्य आरंभ किया जाएगा।