आवश्यक---फालोअप
मेडिकल कॉलेज के छात्रों की हड़ताल अनुशासनहीनता
बचाव की मुद्रा में आया मेडिकल कॉलेज प्रबंधन नाहन
बाहरी युवाओं पर छात्रों को भ्रमित करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में एमबीबीएस के विद्यार्थियों की हड़ताल और प्रिंसिपल का छात्रों को धमकी देने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद नाहन में चर्चा का बाजार गर्म है। मामले के बाद अब कॉलेज प्रबंधन से जुड़े संगठन बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन और मेडिकल कॉलेज फेकल्टी एसोसिएशन ने इस पूरे मामले को अनुशासनहीनता करार दिया है। वहीं, बाहरी युवकों द्वारा छात्रों को भ्रमित करने का भी आरोप लगाया गया है।
मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिला सिरमौर इकाई की अहम बैठक नाहन मेडिकल कॉलेज में आयोजित की गई। प्रधान राजीव वालिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 16 और 17 जनवरी को नाहन मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा मांगों को लेकर की गई हड़ताल पर मंथन किया गया। बैठक में कहा गया कि इस तरह की हड़ताल अनुशासनहीनता है। छात्रों व बाहर के कुछ अन्य युवाओं ने मेडिकल कॉलेज के प्रांगण में माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया है। कॉलेज के छात्रों को भी भ्रमित कर सामूहिक हड़ताल करवाई गई। राजीव वालिया ने कहा कि इस तरह की हड़ताल हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एवं मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों एवं कानून के विपरीत है। बैठक में इसकी कड़ी निंदा की गई।
राजीव वालिया ने कहा कि 16 और 17 जनवरी को छात्रों और बाहरी युवकों ने जो माहौल खराब करते हुए जो कार्य किए हैं, उसकी अग्रिम सूचना मेडिकल कॉलेज प्रशासन व प्रधानाचार्य को नहीं दी गई थी। यह कॉलेज के नियमों के खिलाफ तो है ही, साथ में गैर कानूनी भी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य विद्यालय प्रबंधन, विश्वविद्यालय और सरकार की ओर से तय किए गए मानकों पर खरा उतर रही है। कॉलेज में पूर्ण रूप से अनुशासन है। उधर, मेडिकल कॉलेज फेकल्टी एसोसिएशन ने भी इसे छात्रों की अनुशासनहीनता करार दिया है। प्रेस सचिव नवीन गुप्ता ने कहा कि एसोसिएशन इसकी कड़ी निंदा करती है। छात्रों की समस्याओं को सुनने के लिए अध्यापक हमेशा तत्पर रहे हैं।
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-----भारद्वाज