अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
चालो रे वोट डालने नी जाना। अरे जाना तो है पर सोचणी लागरा के मतदान कोसी के करना। इस बीच तीसरा युवा बोलता है कि जेसिक मर्जी करले पर ई बात ध्यान राखणा कि जो अच्छा बांदा हो तैसिक ही वोट डालना। इस बार लहर जिस पार्टी की भी हो, चलणा बोढ़िया प्रत्याशी री तरफ।
नाहन शहर के कोआपरेटिव बैंक की सीढ़ियों पर शाम ठीक 4:18 मिनट पर प्रदेश में सरकार बनाने की बात युवाओं की जुबां पर थी। कोई प्रदेश की राजनीति से युवाओं को लुभाने की कोशिश कर रहा था तो कोई अपने क्षेत्र के प्रत्याशी को लेकर कसीदे पढ़ने में लगा था। एक ही स्थान पर युवाओं की तीन अलग-अलग टोलियों में मतदान को लेकर चर्चा छिड़ रही थी।
सिरमौर की राजनीति के साथ-साथ अपनी-अपनी विधानसभा में प्रत्याशियों के जीतने का युवा सटीक गणित बिठाने की जुगत में लगे थे।
नाहन विधानसभा के साथ, पांवटा, पच्छाद, रेणुका व शिलाई के प्रत्याशियों को लेकर युवा अपने-अपने ढंग से हिसाब किताब लगा रहे थे। एक युवा बोलता कि वोट जिस मर्जी उम्मीदवारों के दे दो पर करना तो आपणा काम ही पोड़ला। कोसी रे जीतनी दी बाद कुछ नी देना। नौकरी तो कुई लगाणी आला है नी।
दूसरा युवा बोला, सरकार आनी दे कुई न कुई काम धंधा तो सैट कोर ही लेंगे। तीसरे युवा की जुबां से निकला कि इस बार अपनी विधानसभा में तो तेसी उम्मीदवारो रा दबदबा ओसो। इसी बीच युवाओं की बातें सुनकर एक व्यक्ति युवाओं की टोली में पहुंचता है और बोला कि इस बार मैं बताईं कि सरकार किसकी बननी है और कौन प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंद्वी को फाइट देगा।
दरअसल वह व्यक्ति अपने ज्योतिष से युवाओं को प्रभावित करने में लगा था लेकिन युवाओं ने ज्योतिष की परवाह किए बगैर अपनी चर्चा जारी रखी और बोले चालो रे वोट देेनी बी निकलना। जो मर्जी हो आपणे प्रत्याशी रा चुनाव कर विधानसभा में जरूर भेजणा।