ददाहू (सिरमौर)। पंजाब नेशनल बैंक की पराड़ा शाखा के कथित फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए लोगों की फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया गया था। रेणुका पुलिस ने जनवरी 2016 में दर्ज हुए इस मामले की छानबीन के बाद पंजाब नेशनल बैंक की पराड़ा शाखा के पूर्व प्रबंधक और एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से दोनों आरोपियों को जमानत मिल गई है।
पीएनबी बैंक में 48 लोगों के नाम पर 84 लाख रुपये के ऋणों का फर्जीवाड़ा किया गया था। इसकी रिकवरी न होने पर करदाताओं को बैंक से फोन आने शुरू हुए तो इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद सभी 48 लोगों के ऋण फर्जी पाए गए। इन 48 लोगों के नाम पर करीब 84 लाख रुपये के ऋण जारी किए गए थे लेकिन, वास्तव में उन लोगों ने बैंक से कोई ऋण लिया ही नहीं था। कुछ ऐसे भी मामले इसमें शामिल थे, जिनमें वोटर आईडी किसी दूसरे की और फोटो किसी और का लगा था। मामले का खुलासा होने के बाद से रेणुका पुलिस इसकी तफतीश में जुटी हुई थी। दो साल तक सभी 48 लोगों के घर-घर जाकर पूछताछ की गई लेकिन, सभी ने ऋण लेने की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद रेणुका पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471 के तहत तत्कालीन बैंक प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मामले में रेणुका पुलिस ने मंगलवार को तत्कालीन बैंक प्रबंधक और एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस अब भी मामले में कई लोगों से पूछताछ कर रही है। रेणुका थाने के एसएचओ मानवेंद्र ठाकुर ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को जमानत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले से संबंधित कुछ और लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।