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वोल्टेज से जले मीटर के पैसे मांग रहा बिजली बोर्ड

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बिजली का बिल
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जगत सिंह तोमर
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शिलाई (सिरमौर)।
उपमंडल शिलाई के अंतर्गत आने वाली बेला-बंशवा पंचायत में विद्युत बोर्ड की तानाशाही का मामला सामने आया है। दरअसल चार साल पहले हाई वोल्टेज के कारण लोगों के विद्युत उपकरण जल गए थे। इनमें कई लोगों के बिजली के मीटर भी जल गए। अब विद्युत बोर्ड ने जले हुए मीटर की कीमत लोगों से वसूलनी शुरू कर दी है। बिजली बिल के साथ मीटर की कीमत भी जोड़ी गई है जिससे इलाके के लोगों में बोर्ड के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों ने बोर्ड के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली बिलों को ठीक न किया गया तो ग्रामीण बिल जमा नहीं करेंगे और धरना-प्रदर्शन कर देंगे। बेला पंचायत के दो गांव बेला व डिमटी के गुमान सिंह, मेहर सिंह, नारायण सिंह, जगत सिंह, धर्म सिंह, बारूराम, कंवर सिंह, प्रभु राम, अत्तर सिंह, भीम सिंह, बजर, गंगाराम, सुनील कुमार, नाथूराम ने बताया कि वर्ष 2012-13 में बेला व डिमटी के लिए लगाया गया विद्युत ट्रांसफार्मर जल गया था।
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बोर्ड कर्मचारियों ने इसी ट्रांसफार्मर को ठीक करना ठीक किया लेकिन उसको चालू करते समय अचानक बिजली की वोल्टेज बढ़ गई जिस वजह से ट्रांसफार्मर के साथ-साथ 50 परिवारों के बिजली उपकरण व घरों की वायरिंग तक जल गई। घरों में लगे बिजली मीटर के अलावा बिजली के बल्ब, फ्रिज, टीवी भी जल गए जिससे लाखों का नुकसान हुआ। अब चार वर्षों बाद बोर्ड ने बिजली बिलों में जले मीटर की कीमत भी जोड़ दी है।
उधर बिजली बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता अनिल शर्मा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। ऑडिट के पश्चात यह राशि उपभोक्ताओं के खातों में डाली गई है। उपभोक्ताओं को यह राशि जमा करवानी होगी।
बॉक्स के लिए--
चार साल बाद क्यों आई याद
बिजली बोर्ड ने जले हुए मीटर की कीमत चार साल बाद उपभोक्ताओं के खाते में जोड़ दी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि चार साल तक बोर्ड क्या करता रहा। अब उपभोक्ताओं को मीटर की राशि की याद क्यों आई। बोर्ड के इस तानाशाही पूर्ण रवैये से लोगों में गुस्सा है।
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रिकवरी की बजाय मुआवजा दे बोर्ड
बिजली बोर्ड की लापरवाही की वजह से लोगों के कीमती उपकरण जले हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बोर्ड ने ट्रांसफार्मर ठीक किया। बिजली चालू की तो हाई वोल्टेज से कई घरों के फ्रिज, टीवी यहां तक कि वायरिंग तक जल गई। बोर्ड को ग्रामीणों को इसका मुआवजा देना चाहिए था। जबकि बोर्ड उल्टा ही उपभोक्ताओं से मीटर की कीमत वसूल रहा है।
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समस्या का नहीं हो सकता समाधान : धीमान
शिलाई उपमंडल बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता रत्न चंद धीमान ने बताया कि इस मामले का समाधान उसी अवधी के दौरान होना चाहिए था। इसके बाद कई अधिकारी बदल दिए गए हैं। यह रिकवरी ऑडिट पार्टी ने निकाली है जिसका अब कोई समाधान नहीं हो सकता।
 
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