वेदप्रकाश ठाकुर
राजगढ़ (सिरमौर)।
डिजिटल इंडिया के दावे विद्युत मंडल राजगढ़ में बेमानी साबित होते दिखाई दे रहे हैं। विद्युत मंडल राजगढ़ जिला सिरमौर का एकमात्र ऐसा मंडल है, जहां अभी तक बिजली के बिल ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था तक शुरू नहीं की गई है। ऐसे में पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र सहित आधे रेणुका निर्वाचन क्षेत्र व शिलाई क्षेत्र में फैले इस विद्युत मंडल के लगभग तीस हजार बिजली उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
राजगढ़ विद्युत मंडल में पच्छाद निर्वाचन की राजगढ़ और सराहां तहसीलों के अलावा नौहराधार, चाडना, हरिपुरधार और पनोग क्षेत्रों के साथ-साथ जिला शिमला के पीरन ट्राई क्षेत्र आते हैं। पहले हर पंचायत मुख्यालय पर बिजली बोर्ड के कर्मी बिजली के बिलों को जमा करवाने के लिए पहुंचते थे। इससे लोगों को बिजली के बिल समय पर घर के समीप ही जमा करवाने की सुविधा मिल जाती थी। लेकिन, पिछले कई सालों से यह व्यवस्था बंद कर दी गई है। इसके बाद लोकमित्र केंद्रों पर बिजली के बिल जमा करने की व्यवस्था चालू की गई थी, जो ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पाई। अब इस विद्युत मंडल के करीब तीस हजार उपभोक्ताओं को बिजली के बिल सहायक अभियंता कार्यालयों पर आकर जमा करवाने पड़ रहे हैं।
इससे जहां लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है। वहीं, उपभोक्ताओं के समय और पैसे की भी बर्बादी हो रही है। बिजली बिल जमा करने के लिए बस में किराया देकर कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों जगदीश वर्मा, अरुण चौहान, सुरेंद्र तोमर, रघुनाथ सिंह, बलदेव कुमार, अशोक कुमार और सुरजीत ने बताया कि बिजली के बिल जमा करवाना अब उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है। पूरा दिन उनका बिजली के बिल को जमा करने में लग जाता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ती है। प्रवक्ता दिलावर चौहान ने बताया कि उन जैसे सरकारी कर्मचारियों को बिजली के बिल जमा करवाने के लिए छुट्टी लेनी पड़ती है। लोगों ने मांग की है कि बिजली के बिल आनलाइन जमा करवाने की व्यवस्था शीघ्र की जानी चाहिए। जिला सिरमौर में तीन विद्युत मंडल नाहन, पांवटा व राजगढ़ हैं। नाहन व पांवटा में बिजली के बिल आनलाइन जमा करवाने की व्यवस्था काफी पहले से प्रारंभ हो गई है। लेकिन राजगढ़ इस सुविधा से अभी तक भी वंचित है।
विद्युत मंडल राजगढ़ के अधिशासी अभियंता ने स्वीकार किया कि अभी यहां आनलाइन बिजली बिल जमा करने की व्यवस्था नहीं है। विद्युत निगम के आईटी सेल ने कुछ समय पूर्व कंप्यूटर तो लगा दिए हैं, लेकिन अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मार्च 2018 तक यह सुविधा शुरू हो जाएगी।