अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी नाहन की न्यायाधीश गीतिका कपिला ने चैन स्नेचिंग के एक मामले में आरोपी महिला को 3 माह की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साथ ही महिला को 5 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी महिला को अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतना होगा।
मामले की जानकारी देते हुए सहायक जिला न्यायवादी अमरीक सिंह नेत्री ने बताया कि अदालत ने आरोपी महिला सीतो देवी उर्फ प्रीतो निवासी इंद्रा बस्ती तहसील सुनाम जिला संगरूर (पंजाब) को 3 माह की कठोर सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि 2 अक्तूबर 2014 को नारायणगढ़ से एक परिवार महामाया बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में माथा टेकने पहुंचा था, जिस समय हवन कुंड में माथा टेकने के लिए हरपाल पुत्र तेजाराम का परिवार लाइन में लगा था तो भीड़ में श्रद्घालु महिला के गले में पहनी सोने की चैन पर आरोपी महिला ने हाथ साफ कर लिया। इसके बाद आरोपी महिला मंदिर परिसर से अचानक गायब हो गई। इस मामले में पुलिस ने तुरंत दो महिलाओं को दबोचा लिया। जब पुलिस ने आरोपी जमीरो देवी की तलाशी ली तो उसके कब्जे से सोने की चैन बरामद हुई। जबकि, सीतो देवी के पास एक वायर कटर व रूमाल बरामद हुआ।
पुलिस ने इस मामले में बारीकी से अन्वेषण करने के बाद दोनों महिलाओं के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। सहायक जिला न्यायवादी ने बताया कि माननीय अदालत ने आरोपी जमीरो देवी को उद्घोषित अपराधी घोषित किया है। मंगलवार को माननीय अदालत ने आरोपी सीतो देवी को यह सजा सुनाई।