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रेणुका विकास बोर्ड की नई कार्यकारिणी के गठन पर पनपा विवाद

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RENUKAJI
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अमर उजाला ब्यूरो
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संगड़ाह (सिरमौर)।
रेणुका विकास बोर्ड की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर कांग्रेस के बाद भगवान परशुराम सेवा दल ने भी नई कार्यकारिणी के गठन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं भाजपा को अपनी ही पार्टी के लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। भगवान परशुराम सेवा समिति का आरोप है कि रेणुका विकास बोर्ड की नई कार्यकारिणी में भगवान परशुराम दल का एक भी सदस्य नहीं लिया गया है।
समिति के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर व मुख्य सलाहकार मोहनलाल चौहान ने बताया कि इस बोर्ड का गठन भगवान परशुराम की माता रेणुकाजी के नाम से किया गया है लेकिन भगवान परशुराम की जन्मस्थली जामूकोटी से एक भी व्यक्ति को बोर्ड का सदस्य नहीं बनाया गया है। सत्तासीन पार्टियां ऐसे व्यक्तियों को बोर्ड के सदस्य बनाती हैं जिनका माता रेणुकाजी व भगवान परशुराम की सेवा से कोई लेना देना नहीं है।
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वहीं, भाजपा के कुछ नेता व पार्टी कार्यकर्ताओं ने बोर्ड सदस्यों के चयन को लेकर अपनी पार्टी के नेताओं को आड़े हाथों लिया है। जिला भाजपा कार्यकारिणी सदस्य कुशल सिंह, रणजीत सिंह, बाबूराम व बीडीसी सदस्य सीताराम ने भाजपा नेता बलबीर सिंह पर आरोप लगाया है कि पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई है।
आरोप लगाया कि जिन नेताओं व कार्यकर्ताओं के पास पहले ही पार्टी के तीन से चार पद हैं, अधिकतर ऐसे नेताओं को बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। खालाक्यार व जामूकोटी पंचायत से एक-एक ही सदस्य लिया गया है।
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उधर, भाजपा नेता बलवीर चौहान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी पर आरोप लगाने वाले लोग असल में भाजपा के नहीं है। चुनाव से पूर्व पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर मंडल की ओर से इन लोगों को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया है। बोर्ड सदस्यता में सभी क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है।
 
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