शिलाई के गांवों में पेयजल समस्या बरकरार
भंगाल खड्ड योजना से ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पानी
सितंबर महीने में हुआ था पेयजल योजना का उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
शिलाई क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए बनाई गई भंगाल खड्ड-नैनीधार-घालाधार उठाऊ पेयजल योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। छह सितंबर को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पेयजल योजना का उद्घाटन किया था लेकिन अभी तक लोगों को इस योजना से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा। इससे इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है।
पेयजल योजना का उद्घाटन होने के बाद लोगों ने खुशी मनाई थी। उन्हें उम्मीद थी कि योजना के बनने के बाद अब उनके गांवों में पानी की किल्लत नहीं रहेगी लेकिन यह महज चुनावी स्टंट ही साबित हुआ। छह सितंबर को उद्घाटन के चंद दिनों बाद ही आचार संहिता लग गई। अभी तक योजना से पानी सप्लाई नहीं हो रहा। गांव के लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो गए हैं। देवथल, थाच, कटारा गांव के लोगों ने इस पर आक्रोश जाहिर किया है।
लोजमानल के पूर्व प्रधान दीप चंद शर्मा, रामानंद, जगत सिंह, मदन सिंह, लाल सिंह, प्रताप सिंह, आत्माराम वार्ड सदस्य, दयाराम, कल्याण सिंह, रणसिंह, मोहर सिंह, सालिक राम, हेतराम, केदार सिंह, बलबीर सिंह ने बताया कि उद्घाटन से पूर्व लोगों ने श्रमदान कर गांव-गांव तक पाइपें पहुंचाई। पाइपों को जोड़ने और दबाने में भी गांव के लोगों ने सहयोग किया लेकिन अब पानी उपलब्ध नहीं हो रहा। कटारा धार के बाशिंदे तीन किलोमीटर दूर वाय की लाणी से जबकि थाच के लोग 2 किलोमीटर दूर से पानी ढोने के लिए विवश हैं।
उधर, आईपीएच के हरिपुरधार उपमंडल में तैनात क्षेत्रीय सुपरवाइजर रामभगत सरस्वती ने बताया कि कुछ गांवों तक विभागीय ठेकेदारों ने कार्य पूरा नहीं किया है। इस वजह से पानी नहीं पहुंच रहा। जल्द ही इन गांवों के लिए पानी की व्यवस्था की जा रही है। पेयजल योजना के प्रथम चरण में तकनीकी खराबी आने से पेयजल आपूर्ति बाधित भी हुई है जिसको जल्दी ठीक किया जा रहा है।
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