पानी खरीदकर कारखाने चला रहे उद्योगपति
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के लिए नहीं बनी जल वितरण योजना
औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
कालाअंब में वर्ष 2003 के बाद तेजी से औद्योगिक विकास हुआ है। केंद्र से औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद यहां पर धड़ाधड़ उद्योग स्थापित हुए लेकिन इतने लंबे अरसे के बाद भी यह क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है। उद्योगों को चलाने के लिए माकूल पानी नहीं है। उद्योगपति पानी का इंतजाम खरीदकर कर रहे हैं। इसके बाद ही उनके कारखाने चल पा रहे हैं। हैरत यह है कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के 15 वर्ष बाद भी उद्योगों के लिए कोई जल वितरण योजना नहीं बन पाई।
कुछ उद्योगपतियों ने अपने स्तर पर बोरवेल लगाकर पानी का जुगाड़ कर रखा है। कालाअंब के जोहड़ों क्षेत्र में उद्योग विभाग की ओर से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया, जहां लगभग 70 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हुई। इसके अलावा कालाअंब के साथ लगते इलाकों मोगीनंद, बांकाबाड़ा, रामपुर जाटान, खैरी, भंडारीवाला, खारा-खारी, नागल-सकेती व मैनथापल आदि में 400 से ज्यादा इकाइयां स्थापित हुईं जिनको बुनियादी सुविधाओं की दरकार है।
हालांकि उद्योग विभाग ने जोहड़ों में बोरवेल लगाया है जहां से औद्योगिक क्षेत्र के 115 उद्योगों को 4 से 5 लाख लीटर जलापूर्ति प्रतिदिन की जा रही है। शेष लगभग 300 उद्योगों में 60 प्रतिशत को निजी बोरवेलों से 250 रुपये प्रति 5000 लीटर क्षमता का पानी का टैंकर खरीदना पड़ रहा है। 40 प्रतिशत उद्योगों ने अपने बोरवेल लगा रखे हैं।
उद्योग प्रबंधन प्रभारियों में विवेक, राजेंद्र, प्रिंस, भारतभूषण आदि ने बताया कि प्रतिदिन उद्योगों ने औसतन 2 से 4 टैंकर 5 हजार लीटर की दर से खरीदे। बुनियादी सुविधाओं में बिजली, पानी व सड़कें मुख्य रूप से आती हैं लेकिन पानी की कोई योजना अभी तक उद्योगों के लिए नहीं बनी है। उधर, उद्योग विभाग के कालाअंब स्थित सिंगल विंडो क्लीयरेंस के सदस्य सचिव साक्षी सत्ती ने बताया कि विभाग की ओर जोहड़ों में बोरवेल स्थापित किया गया है जहां सौ से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों को जलापूर्ति की जा रही है। बाहरी क्षेत्रों के उद्योगों के लिए योजना बनाकर सरकार के समक्ष रखी जाएगी।
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संजय गुप्ता-----------भारद्वाज