फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: दिवाली पर पटाखों की चपेट में आने से झुलस गए 30 बच्चे और जवान

विज्ञापन
दिवाली पर्व पर आतिशबाजी के दौरान घायलबच्चे का उपचार करते सिविल अस्पताल कर्मचारी:संवाद
विज्ञापन
सिरमौर में नाहन और पांवटा साहिब में सबसे अधिक झूलसने के मामले
विज्ञापन

आतिशबाजी चलाते हुए झुलसने वालों में नौ छोटे बच्चे भी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/पांवटा साहिब (सिरंमौर)। जिला सिरमौर में दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। दिवाली से पहले ही लोगों ने पटाखे और आतिशबाजी चलाना शुरू कर दी थी जो अगले दिन तक भी जारी रही। दिवाली में पटाखों और आतिशबाजी की चपेट में आने से 30 से अधिक लोग झुलस गए हैं। एक छह वर्षीय बच्चे के तो हाथ में सुतली पटाखा चलने से हाथ बुरी तरह से फट गया है। इसकी अब सर्जरी होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में दिवाली पर पटाखे और आतिशबाजी की चपेट में आने से 30 से अधिक लोगों के झुलसने की जानकारी मिली है। इनमें 9 से अधिक बच्चे शामिल हैं। दिवाली को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर रहा और इमरजेंसी वार्ड में सेवाएं जारी रहीं। मेडिकल काॅलेज नाहन की बात करें तो यहां 19 अक्तूबर को दो, 20 अक्तूबर को भी दो और 21 अक्तूबर को चार रोगी झुलसने के बाद पहुंचे। चिकित्सकों की तरफ से उनका उपचार कर उन्हें वापस भेज दिया। एक 6 वर्षीय बच्चे के हाथ की सर्जरी होनी है। बच्चे के हाथ में ही सुतली पटाखा फट जाने से हाथ को काफी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन

प्राप्त जानकारी के अनुसार मेडिकल काॅलेज नाहन में सोहल निवासी नाहन, राहुल निवासी नाहन, मोहित निवासी नाहन, बादल निवासी नाहन और आरूष निवासी पांवटा साहिब को लाया गया। इसके अलावा अन्य को मंगलवार दोपहर तक लाया गया है।
वहीं, उपमंडल पांवटा साहिब में दीपावली के त्योहार के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर रहा। सिविल अस्पताल में पर्व के दौरान आतिशबाजी के दौरान झुलसने के मामले पहुंचे। अलग-अलग क्षेत्रों से 22 लोग उपचार को पहुंचे। मुंह, हाथ और आंख के आसपास पटाखा लगने से ज्यादातर घायल हुए। इनमें 9 छोटे बच्चे भी शामिल रहे। पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को घर भेज दिया गया है।
बता दें कि सीएमओ सिरमौर के निर्देश पर इमरजेंसी में वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर कमाल पाशा की विशेष ड्यूटी लगाईं गई थी। रविवार को रात आठ बजे से सोमवार दस बजे तक आपातकाल सेवा कक्ष में 22 मरीज पटाखों और आतिशबाजी से झुलसने वाले पहुंचे। दिवाली पर्व पर आतिशबाजी चलाते हुए झुलसने वालों में छोटे बच्चे भी शामिल है। घायलों में बरोटीवाला से कश्मीर सिंह (25), शुभखेड़ा से वंश चौधरी (16), ज्वालापुर से वंश (10), सब्जी मंडी शमशेरपुर के समीप से अंशुल (3), सतौन से यश (10), बद्रीपुर से अनिल (45), देवीनगर से आर्यन (14), वाल्मीकि बस्ती से शिवानी (20), कुंजा मतरालियों से वंश (10), धमोन से किरनेश (28) वार्ड-5 पांवटा से तिमोली शामिल हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक कमाल पाशा ने बताया कि अधिकतर घायलों को सिर, आंखों के समीप, कान, बाजू, हाथ व पांव में आतिशबाजी के दौरान झुलसने से चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को वापस घर भेज दिया गया है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज नाहन की चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. रेणू चौहान ने बताया कि 19 से 21 अक्तूबर की दोपहर तक कुल 8 रोगी झुलसने के पहुंचे हैं। उन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। एक बच्चे के हाथ की सर्जरी की जानी है। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के कार्यकारी प्रभारी डॉ. एवी राघव में पुष्टि की है। उन्होंंने कहा कि सीएमओ सिरमौर के दिशा-निर्देश के अनुसार अलग से टीम गठित की गई थी। दिवाली पर्व के दौरान घायल हुए लोगों को तुरंत उपचार कर और दवाइयां वितरित कर वापस भेज दिया गया है।


..........संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें