आईटीई के तहत बीपीएल छात्रों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू
सरकार के निर्देश, निजी स्कूलों को करना होगा व्यापक प्रचार
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सख्ती, जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा निजी शिक्षा का अवसर
अभिभावकों से समय पर आवेदन करने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब गरीब परिवारों से जुड़े छात्र निजी स्कूलों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 25 प्रतिशत सीटें बीपीएल श्रेणी के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं।
उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा (सिरमौर) ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सभी निजी स्कूलों को कुल सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा जरूरतमंद बीपीएल बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा। विभाग के आदेशों के मुताबिक, स्कूलों को इस आरक्षण का व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा। साथ ही, अपने प्रोस्पेक्ट्स में इस प्रावधान को प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि पात्र अभिभावक समय पर आवेदन कर सकें।
यह आदेश उच्च न्यायालय की ओर से नमिता मणिकतला बनाम राज्य (सीडब्ल्यूपी 3807/2022) मामले में पारित निर्देशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं। योजना की निगरानी के लिए जिला और खंड स्तर पर विशेष समितियों का गठन पहले ही किया जा चुका है, जो समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए अभिभावक संबंधित विद्यालय, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी या उपनिदेशक कार्यालय (प्रारंभिक शिक्षा), नाहन से संपर्क कर सकते हैं।
सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार निजी स्कूलों में बीपीएल, दिव्यांग और अनाथ बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। योजना के तहत केवल पहली कक्षा ही नहीं, बल्कि जिस कक्षा में जरूरतमंद छात्र पहले से पढ़ रहे हैं, उसमें भी प्रवेश का प्रावधान किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र छात्रों को लाभ मिल सके।
-कुंदन ठाकुर, अध्यक्ष, निजी स्कूल संघ सिरमौर