अवैध खनन पर शिकंजा कसने को किया गया विशेष वन टीमों का गठन
अवैध खनन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी : डीएफओ
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। अवैध खनन को लेकर वन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। विशेष टीमों का गठन कर संवेदनशील अवैध खनन स्थल पर औचक निरीक्षण-छापेमारी की जा रही है। खास कर यमुना, गिरि तथा बाता नदी क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है। एक माह के भीतर 22 अवैध खनन के मामले पकड़ कर 4.80 लाख जुर्माना राशि वसूल की जा चुकी है।
बता दें कि जनपद की सीमाएं उत्तराखंड व हरियाणा राज्य से लगती हुई हैं। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र नदी नालों से घिरा हुआ है। सबसे अधिक खनन गतिविधियां पांवटा उप विधानसभा क्षेत्र में इस समय संचालित हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को करोड़ों का राजस्व भी जाता है, लेकिन प्रदेश सरकार, खनन, वन विभाग व पुलिस विभाग को सबसे बड़े चुनौती अवैध खनन गतिविधियों से रहती है। अवैध खनन कार्य से लाखों रुपये के राजस्व की चपत भी लगती है।
वर्ष भर यमुना नदी, गिरि नदी, बाता नदी, अन्य यमुना की सहायक एवं बरसाती नदियों में वर्ष भर अवैध खनन पर अंकुश लगाना टेढ़ी खीर साबित होता रहा है। वन विभाग ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए मुहिम चलाई है। इसके लिए गठित विशेष टीमें नदियों और इनको जोड़ने वाले मार्गों पर नजर रख रहीं हैं। पिछले एक माह से वन विभागीय टीमों ने इन नदियों के अवैध खनन वाले संवेदनशील स्थलों पर छापेमारी करते हुए 22 मामले पकड़े हैं। अवैध खनन करते पकड़े गए वाहन संचालकों से 4.80 लाख जुर्माना राशि वसूल की गई है।
डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश शर्मा ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने को विशेष टीमों का गठन किया गया है। अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
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