सिरमौर में पांच विधानसभा क्षेत्रों में 2,175 लोगों ने नकारे उम्मीदवार
छोटे दलों के प्रत्याशियों ने नोटा से अधिक मत लेकर बचाई अपनी इज्जत
प्रमुख दलों को छोड़ तीन शेष दलों के उम्मीदवार खाना पूर्ति ही हुए साबित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। देश की सबसे बड़ी पंचायत के चुनाव नतीजे में हिमाचल की चार लोकसभा सीटों पर भाजपा का फूल खिला। भाजपा को मिले अथाह जनादेश के आगे शिमला संसदीय क्षेत्र के रणक्षेत्र में खड़े दूसरे उम्मीदवार नहीं टिक पाए। कांग्रेस के उम्मीदवार सुल्तान पुरी ने जहां टक्कर देने की कोशिश की, वहीं दूसरे दलों के उम्मीदवार बस खानापूर्ति ही साबित हुए।
इसके बावजूद जनपद सिरमौर के पांच विधानसभा क्षेत्रों में 2,175 मतदाताओं ने सभी प्रत्याशियों को नकार दिया यानी इतने मतदाताओं ने नोटा का बटन इस्तेमाल में लाया। मजे की बात यह रही कि इस चुनाव में छोटे दलों के उम्मीदवार नोटा से थोड़े बहुत मत अधिक लेकर अपनी लाज बचाने में सफल रहे।
पिछले लोकसभा चुनाव में तो प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को छोड़कर शेष सभी उम्मीदवारों को नोटा से भी कम मत प्राप्त हुए थे। इस चुनाव में शेष उम्मीदवारों के लिए राहत की बात यही रही कि वह सिरमौर में नोटा से अधिक मत प्राप्त करने में सफल हुए।
प्रमुख दलों के अलावा इस बार चुनाव मैदान में तीन दूसरे उम्मीदवार थे, यह उम्मीदवार दूसरे दलों के बैनर पर मैदान में थे। तीनों ही उम्मीदवार कोई करिश्मा करने में नाकाम रहे। यह उम्मीदवार महज खानापूर्ति ही साबित हुए।
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मैदान में थे यह उम्मीदवार
बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ रहे अनिल मंगेट को सिरमौर से 2,397 मत हासिल हुए। अखिल भारतीय परिवार पार्टी के बैनर पर चुनाव लड़ रहे मदन लाल को 1,714 मत हासिल हुए। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के प्रत्याशी सुरेश कुमार को सिरमौर में 2,175 मतों से ही संतोष करना पड़ा। गनीमत यह रही कि यह तीनों ही उम्मीदवार सिरमौर में पड़े 1,512 नोटा से अधिक मत लेने में सफल रहे।
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