अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालय नाहन में हिमाचल किसान सभा के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। बस स्टेंड से शुरू हुई रैली शहर के विभिन्न स्थानों से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची। किसान सभा ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए। सभा ने 15 सूत्री मांगपत्र उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष संतोष कपूर, किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमेश वर्मा, महासचिव गुरविंद्र सिंह और जिला उपाध्यक्ष सतपाल मान आदि किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें किसानों का शोषण करती रही हैं। केंद्र और राज्य की सत्ता में जो भी सरकार रही हो, हमेशा किसानों की अनदेखी की गई। सरकारें आज तक न तो फसलों का समर्थन मूल्य निर्धारित कर पाई हैं और न ही जंगली जानवरों की समस्या का छुटकारा मिल पाया है। सभा ने मांग की कि आगामी लोकसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियां किसानों से जुड़े मुद्दे को अपने चुनावी घोषणा पत्रों में शामिल करें। इसे पूरा करने का आश्वासन देने वाले राजनीतिक दलों को चुनाव में किसानों का समर्थन मिलेगा।
किसानों ने ये उठाईं मांगें
इस अवसर पर सभा ने सब्जियां और फलों के लाभकारी दाम सुनिश्चित करने, किसानों के कर्जे माफ करने, जंगली जानवरों से निजात दिलाने, कृषि और बागवानी विभागों के अलावा अन्य महकमों में खाली पदों को भरने, शामलात भूमि कानून 2002 में संशोधन करने, सैनिक क्षेत्र नाहन का भूमि विवाद सुलझाने, कृषि कार्यों में लगे ट्रेक्टरों का बकाया टैक्स माफ करने, किसानों को पांच बीघा भूमि उपलब्ध कराने, फलों व सब्जियों के लिए कोल्ड स्टोर स्थापित करने, वन अधिकार कानून संबंधी मामलों का निपटारे करने, विवादित अवैध कब्जों के साथ साथ मकान गिराने और बिजली कनेक्शन काटने पर रोक लगाने, मेडिकल कॉलेज नाहन में मूलभूत सुविधाएं देने और कृषि मंडियों की व्यवस्था को सुधारने की मांग की है। इस मौके पर बलदेव, जगदीश पुंडीर, जोगा सिंह, बीरबल, जगदीश रमौल, जोगेंद्र सिंह, सतनाम, बेअंत सिंह, दर्शन सिंह, गुरमीत सिंह, लायकराम और ज्ञानचंद आदि किसान उपस्थित रहे।