सिरमौर में बिगड़ा मौसम
फिर बारिश और बर्फबारी
ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात, मैदानों में रुक-रुक कर बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में वीरवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ले ली। जिला के पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में दिन भर हल्की बूंदाबांदी होती रही। इससे पूरा जिला ठंड की चपेट में आ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां शीतलहर तो वहीं मैदानी क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश और तेज हवाओं से ठंडक बढ़ा दी।
जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में दिनभर रुक-रुक कर ताजा हिमपात हुआ। अब तक चूड़धार में 10 से 12 फीट बर्फबारी हो चुकी है। वहीं, चूड़धार से सटे निचले क्षेत्रों नौहराधार, गत्ताधार, चांदपुरधार, हरिपुरधार आदि क्षेत्रों में भी हल्का हिमपात हुआ। बारिश के साथ चलीं तेज हवाओं और अंधड़ से जिले के कई क्षेत्रों में दिनभर बिजली की आंख मिचौली जारी रही। जिला मुख्यालय नाहन में भी बिजली कट लगे। इससे कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संगड़ाह, शिलाई, राजगढ़, सराहां, ददाहू और अन्य क्षेत्रों में वीरवार को तेज हवाएं चलने से दिक्कतें बढ़ गईं। हालांकि, बारिश और अंधड़ से नुकसान की सूचना नहीं है।
किसानों के चेहरे खिले, फसलों को मिली संजीवनी
जिला सिरमौर में जारी बारिश और बर्फबारी से किसान और बागवानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। बारिश से गेहूं समेत रबी की कई फसलों को संजीवनी मिली है। सिरमौर में आज भी 70 फीसदी क्षेत्र ऐसा है, जहां पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। महज 25 प्रतिशत किसानों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में जिले का आधे से ज्यादा क्षेत्र इंद्रदेव के रहमोकर्म पर निर्भर हैं। ऐसे में वीरवार को एक बार फिर मौसम के मेहरबान होने से किसानों को कई प्रकार की परेशानियों से निजात मिली। यह बारिश टमाटर, अदरक, मटर, गन्ना, प्याज, लहसुन, सरसों व सब्जियों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है। वहीं, पशुचारे की समस्या से भी किसानों को निजात मिलेगी।