फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माल ढुलाई को लेकर सीसीआई राजबन में तनाव

विज्ञापन
truck strike
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

पांवटा साहिब (सिरमौर)।
सीसीआई उद्योग राजबन में सीमेंट ढुलाई को लेकर विवाद गहरा गया है। दरअसल, पिछले 32 वर्षों से ट्रक ऑपरेटर सोसायटी सीमेंट ढुलाई कर रही थी। इस वर्ष सिरमौर मल्टीएक्सेल ट्रांसपोर्ट सोसायटी को माल ढुलाई का टेंडर चला गया है जिसको लेकर इकाई प्रबंधन और ट्रक यूनियनों के बीच तनाव बढ़ गया। विरोध के बीच मंगलवार को सीमेंट ढुलाई पूरी तरह बंद रही। तनाव को देखते हुए राजबन में पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
राजबन सीसीआई प्लांट में माल ढुलाई को 2 ट्रक यूनियनों के बीच कशमकश चल रही है। इस बार ढुलाई का टेंडर मल्टीएक्सेल सोसायटी के नाम निकला है। मंगलवार से माल ढुलाई होनी थी लेकिन सिरमौर ट्रक यूनियन के सैकड़ों ट्रक ऑपरेटर सीसीआई राजबन के बाहर एकत्र हो गए। भीतर सीमेंट भरने गए 5 ट्रालों का विरोध शुरू हुआ।
विज्ञापन

ट्रक संचालकों का कहना है कि इकाई पहले लंबित1.84 करोड़ किराया राशि दे। दोनों पक्षों में जोरदार हंगामा हुआ। डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान टीम सहित राजबन पहुंचे। किसी भी तरह का टकराव रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया हैं।
उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने कहा कि राजबन सीसीआई विवाद सुलझाने को दोनों पक्षों की बुधवार को बैठक होगी। एसडीएम पांवटा की अध्यक्षता में बैठक रखी गई है। बैठक में सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन, मल्टी एक्सेल सोसायटी व इकाई प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे। तब तक ढुलाई कार्य बंद है। राजबन में पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
-----
सीमेंट ढुलाई टेंडर मिला : प्रदीप सिंह
सिरमौर मल्टीएक्सेल ट्रांसपोर्ट सोसायटी अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि सीसीआई कंपनी माल ढुलाई के टेंडर निकले थे। सोसायटी को माल ढुलाई का टेंडर मिला है। विवाद की आशंका के चलते 5 अप्रैल को ही प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को अवगत करवा दिया था। सीमेंट के ट्राले सुबह भरवाए गए, लेकिन ट्रक यूनियन के विरोध के चलते माल ढुलाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन

----------
पहले 1.84 करोड़ किराया दे कंपनी : नागरा
सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन प्रधान बलजीत सिंह नागरा ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में छेड़छाड़ की आशंका है जिससे मल्टी एक्सेल ट्राला सोसायटी को लाभ पहुंचाया जा सके। इकाई के पास लंबित करीब 1.84 करोड़ किराया राशि का भुगतान किया जाए। ऑपरेटरों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं होगा।
-----------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें