अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। ऐतिहासिक होली मेले पांवटा की सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। पांवटा नगर परिषद ने जिलाधीश सिरमौर को पत्र लिख कर सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन की अनुमति मांगी थी लेकिन, अभी तक कोई जवाब नहीं मिल सका है। पांवटा नप ने 23 और 24 मार्च को सांस्कृतिक संध्या प्रस्तावित की है लेकिन, फिलहाल स्थिति साफ नहीं हुई है।
पांवटा नगर परिषद कमेटी ऐतिहासिक होली मेले का आयोजन कई दशकों से करवाती आ रही है। इस वर्ष मेले का आयोजन 21 से 30 मार्च तक होगा। बैठक में कमेटी ने 23 और 24 मार्च को मेला आयोजन प्रस्तावित रखा था। लेकिन, अभी तक भी सांस्कृतिक संध्या में आमंत्रित कलाकारों और आयोजन पर ही संशय बरकरार है। ऐतिहासिक मेले के दौरान तीन स्थलों पर पार्किंग व्यवस्था हर वर्ष की जाती रही थी लेकिन, अदालत के आदेशों के बाद अब कन्या रावमापा मैदान में पार्किंग नहीं हो सकेगी। प्रस्तावित होली मेला पार्किंग स्थलों में स्वर्गधाम के समीप मैदान, नप कमेटी के रामलीला मंच के समीप पार्किंग तथा प्राचीन देईजी साहिबां के प्रस्तावित पार्क में चिन्हित किया गया था। इसमें
मंदिर भूमि पर पार्किंग को लेकर स्थिति शीघ्र साफ हो सकती है, जिससे उत्तराखंड की ओर से आने वाले वाहनों को मेले के दौरान इस चिन्हित स्थल पर पार्किंग सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए भी नप कमेटी ने जिलाधीश सिरमौर से अनुमति मांगी है। मेले की सांस्कृतिक संध्या को लेकर सबसे ज्यादा उहापोह की सी स्थिति बनी हुई है। अनुमति मिलने पर कम समय में स्टार कलाकारों समेत कलाकारों की व्यवस्था करना चुनौती साबित हो सकता है। पांवटा नगर परिषद की अध्यक्ष कृष्णा धीमान, उपाध्यक्ष नवीन शर्मा और ईओ एसएस नेगी ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या आयोजन को जिलाधीश सिरमौर से अनुमति मांगी गई है। इसके बारे में पत्र का अब तक कोई जवाब नहीं आया है। पांवटा नगर परिषद ने 23 और 24 मार्च को मेले की सांस्कृतिक आयोजन की तिथि तय की थी। अब अनुमति मिलने पर ही आयोजन करवाने को लेकर कोई निर्णय हो सकेगा।