सरकारी बसें खचाखच, पैर रखने तक की नहीं मिली जगह
आम लोगों को भुगतना पड़ा निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल का खामियाजा
रूटों पर निजी बसों का समय नहीं पकड़ पाई एचआरटीसी, भटकते रहे मुसाफिर
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। सोमवार, समय करीब 9 बजे। अमर उजाला की टीम मुख्य बस स्टैंड नाहन पहुंची। एचआरटीसी की 12 अतिरिक्त बसें विभिन्न रूटों पर सवारियों के लिए निकल चुकी थीं। निजी बसों में स्कूल पहुंचने वाले बच्चे स्कूल का समय नहीं पकड़ पाए। कई कामकाजी लोग निजी वाहनों से ही ड्यूटी पर पहुंचे। इसके बाद टीम एक बजकर 43 मिनट पर बस स्टैंड पहुंची तो यात्रियों का जमघट लगा था। कई यात्री रूटों पर बसों की सेवाएं पूछते नजर आए तो कई निगम की समयसारिणी के अनुसार बस चलने का इंतजार करते रहे। इस समय तक निगम प्रबंधन की 42 बसें रूटों पर अपनी सेवाएं दे चुकी थीं। शाम तक यह संख्या 54 पहुंच गई। निगम प्रबंधन ने भले ही रूटों पर अतिरिक्त बसों की सेवाएं दीं लेकिन प्रबंधन निजी बसों की समयसारिणी नहीं पकड़ पाया। वहीं, कई रूटों पर निगम की बसों में ओवरलोडिंग भी देखी गई। बसों के भीतर भीड़ इतनी अधिक थी कि पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बची। ग्रामीण क्षेत्रों में निगम प्रबंधन की बसों की सेवाएं सिर्फ समय के अनुसार ही मिल पाईं। ऐसे में दिनभर यात्री परेशान रहे। सिरमौर में निजी बसों के कुल 160 रूट हैं, जिनपर 121 निजी बसें सेवाएं दे रही हैं। निजी बस ऑपरेटरों के अचानक हड़ताल पर जाने से पहले दिन ही स्थिति काफी बिगड़ गई। सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा। एचआरटीसी की नाममात्र की सेवाएं मिलने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक रशीद शैख ने बताया कि शाम तक विभन्नि रूटों पर 54 अतिरिक्त बसों ने सेवाएं दीं। सिरमौर में निगम की भी 121 बसें हैं। निजी बसों से प्रभावित रूटों पर निगम ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर यात्रियों को सेवाएं दीं हैं।
बच्चे पैदल पहुंचे स्कूल, रूट पूरी तरह प्रभावित
जिले के गिरिपार क्षेत्र में निजी बस सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। नौहराधार, संगड़ाह और हरिपुरधार क्षेत्र से सोलन, शिमला, नाहन, शिलाई और कुपवी आदि स्थानों के लिए दिनभर कोई भी निजी बस नहीं चली। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोगों को हड़ताल की जानकारी न होने के कारण स्कूली बच्चों को पांच से दस किलोमीटर का सफर पैदल चलकर ही तय करना पड़ा। सरकारी बसों में सवारियों की इतनी भीड़ थी कि बसों के टायर पंक्चर हो गए। हरिपुरधार में 45 रूटों पर करीब 80 से अधिक बसें चलती हैं। सोमवार को 33 रूटों पर एक भी बस सेवा नहीं चली। क्षेत्र में 12 रूटों पर ही सरकारी बसें चल पाईं। हरिपुरधार से जिला मुख्यालय नाहन के लिए 10 रूटों पर बसें चलती हैं। तीन रूटों पर सरकारी बसों की सेवा मिली। इसी तरह कुपवी और शिलाई के लिए भी नौहराधार से 10-10 रूट हैं। तीन रूट पुन्नरधार, टोंडा, राजगढ़ सैरतंदुला हैं। कुपवी के लिए मात्र एक सरकारी बस चली। हरिपुरधार-शिलाई के सात रूटों पर मात्र तीन सरकारी बसें चलीं।