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आईटीआई स्थानांतरित करने भड़के ग्रामीण

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आईटीआई स्थानांतरित करने भड़के ग्रामीण
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एसडीएम से मुलाकात कर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां और आसपास के ग्रामीण आईटीआई सराहां को दूसरे भवन में स्थानांतरित करने पर भड़क गए हैं। शुक्रवार को इलाके के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम राजगढ़ से मुलाकात कर इसका विरोध जताया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम लिखा ज्ञापन भी एसडीएम को सौंपा।
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सीएम को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि वर्ष 2007 से सराहां में सरकारी आईटीआई एक निजी भवन में चल रही है। इसके बाद सरकार की मांग पर टिक्कर ग्राम वासियों ने पांच बीघा भूमि 15 सितंबर 2015 को आईटीआई भवन के लिए दान दी। उसके बाद प्रदेश सरकार ने टिक्कर में आईटीआई भवन के निर्माण के लिए 7 करोड़ 14 लाख 96 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की। इसमें से 1 करोड़ 46 लाख रुपये लोक निर्माण विभाग को 2017 में जारी कर दिए गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 20 फरवरी 2017 को टिक्कर में आईटीआई भवन का शिलान्यास किया। 21 सितंबर 2017 को लोक निर्माण विभाग राजगढ़ ने आईटीआई सराहां-टिक्कर भवन के निर्माण का टेंडर भी करवा दिया। लेकिन, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आईटीआई का कार्य शुरू नहीं हुआ। एसडीएम के माध्यम से सीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष भावना के चलते कुछ लोग आईटीआई भवन को टिक्कर से शिफ्ट कर दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने चेताया कि उन्होंने अपने पांच बीघा बहुमूल्य जमीन आईटीआई भवन के लिए दान दी है। यदि इस भवन को किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है तो ग्रामीण लोक निर्माण विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में पच्छाद क्षेत्र के कर्म सिंह ठाकुर, जगमोहन पुंडीर, संजय पाल ठाकुर, मोहनी ठाकुर, सुधीर ठाकुर, नरदेव सिंह, रमन पुंडीर, प्रदीप शर्मा, जय गोपाल, रणधीर सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे।
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