अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
शुक्रवार को उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह ने पांवटा के गोंदपुर में उद्यमियों व विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कुछ विभागों के कार्य में सुस्ती पर अधिकारियों की क्लास भी लगाई। उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण को लगने वाले ईटीपी प्लांट में हो रही देरी पर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। जबकि ईएसआई से किसी भी अधिकारी के नहीं आने पर वह खफा हुए। उन्होंने यहां तक कहा कि इस मामले में देखा जाएगा कि अधिकारी क्यों नहीं आए।
उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ने कहा कि उद्यमियों की सभी मांगों व समस्याओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा जिससे प्रदेश में उद्योगीकरण को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने पांवटा में शीघ्र ही अतिरिक्त दवा नियंत्रक का पद भरने का भी आश्वासन दिया ताकि सिरमौर के फार्मा उद्योगों को दस्तावेजों के सत्यापन एवं अन्य कार्यों के लिए बद्दी न जाना पड़े। ईएसआई व फूड पार्क की मांग पर गंभीरता से विचार होगा। बंद पड़ी माइंस को खुलवाने के लिए भी हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इससे पहले हिमाचल प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, अरुण शर्मा, कैलाश आजाद, सुरेश गर्ग, आरपी तिवारी, अशोक गोयल, नवीन अग्रवाल व संजय अग्रवाल समेत उद्यमियों ने उद्योग मंत्री को विभिन्न मांगों व समस्याओं से अवगत करवाया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उद्योग मंत्री के समक्ष उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों के प्रोत्साहन पैकेज को 2027 तक करने, बिजली के दाम पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर तय करने, वर्ष 2011 से लंबित मालभाड़ा व पूंजी अनुदान राशि प्रदान करने, नई इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए पैकेज आदि मांगे रखीं। वहीं, सिरमौर में बंदी पड़ी माइंस को शुरू करने, ईएसआई अस्पताल खोलने की मांग उठाई।
विधायक पांवटा सुखराम चौधरी ने कहा कि सरकार औद्योगिकीकरण को लेकर गंभीर है। उन्होंने मांग उठाई कि यहां 132 केवी बिजली की नई सेकेंड फेज लाइन की जरूरत है। जबकि उद्यमियों को 10 बिस्वा जमीन रिहायशी भवन के लिए मिलनी चाहिए। बैठक में विधायक पच्छाद सुरेश कश्यप, पूर्व विधायक शिलाई बलदेव तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष विनय गुप्ता, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, एमओ सुरेश भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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