अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में शिक्षा ग्रहण कर रहे एमबीबीएस के विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है। डाइट प्रणाली को अभी तक लागू नहीं किया गया जबकि कॉलेज प्रशासन तीसरे बैच को बिठाने की तैयारी में है।
शौचालय की भी उचित व्यवस्था नहीं है। इससे आक्रोश में आए भावी डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए हैं। मंगलवार सुबह प्रशिक्षु चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और फिर धरने पर बैठ गए। हालांकि, दोपहर बाद आश्वासन मिलने के बाद प्रशिक्षु चिकित्सक हड़ताल से हट गए। कॉलेज प्रशासन ने प्रशिक्षुओं की सुविधा पर मंथन के लिए बुधवार को बैठक बुलाई है।
नाहन मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को एमबीबीएस के छात्र हड़ताल पर उतर आए। नाहन मेडिकल कॉलेज में एमबीएस के छात्रों के लिए न तो पानी पीने के लिए फिल्टर की व्यवस्था है न ही मेस में डाइट की उचित व्यवस्था है। छात्रों के लिए अलग से शौचालय की भी व्यवस्था है। इसके अलावा लाइब्रेरी में पुस्तकें भी नहीं मिल रही। लेक्चर रूम भी कम पड़ने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन 2 वर्षों के दौरान एमबीबीएस के प्रथम तथा द्वितीय वर्ष के छात्राओं के लिए लेबोरेटरी की भी उचित व्यवस्था नहीं कर पाया। प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को बारी-बारी लेबोरेटरी के लिए समय दिया जा रहा है। नाहन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन कमेटी ने हालांकि हड़ताल रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने।
लिहाजा, जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त ने एडीसी हरबंस ब्रॉसकान को मौके पर भेजा। उन्होंने बुधवार को कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर प्रशिक्षु चिकित्सक हड़ताल से हटे। एडीसी हरबंस ब्रॉसकॉन ने बताया कि प्रशिक्षु हड़ताल से हट गए हैं। कॉलेज प्रबंधन ने बुधवार को बैठक कर समस्याएं सुलझाने की बात कही है।
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मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डा. जय श्री शर्मा ने बताया कि हड़तालकारियों से बात हुई है। समस्याएं होती है, लेकिन उन्हें मिल बैठकर सुलझाया जाता है। हमने पहले ही बुधवार को इसके लिए बैठक रखी थी। इस तरह से सीधा हड़ताल पर जाना उचित नहीं है। छात्रों के लिए बढिय़ा हॉस्टल दिया गया है। पानी और शौचालय की भी उचित व्यवस्था है। छात्रों को कोई मिस गाइड कर रहा है। नए कॉलेज में ऐसी समस्याएं होती है यह कोई नई बात नहीं है। जो भी नए कॉलेज खुले वहां शुरूआती दौर में ऐसी समस्याएं रही।