सतौन (सिरमौर)।
कफोटा उपमंडल के अंतर्गत टटियाना पंचायत में तीन महीने से पानी का संकट चल रहा है। इस संदर्भ में ग्रामीण कई बार विभाग को अवगत करवा चुके हैं। लेकिन पानी नहीं मिल रहा। वीरवार को गुस्साए ग्रामीणों ने आईपीएच के कफोटा कार्यालय में पहुंचकर विभागीय अधिकारियों का घेराव किया और नारेबाजी की। इसके बाद ग्रामीण एकत्रित होकर पांवटा स्थित अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे। वहां भी नारेबाजी करते हुए धरना पर बैठक गए। ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर जल्द समस्या के समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि टटियाना पंचायत में 3 महीने से पेयजल संकट मंडराया हुआ है। इस चिलचिलाती गर्मी में ग्रामीणों को पीने तक का पानी नहीं मिल रहा। पंचायत के 430 के करीब परिवार पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। पंचायत के लिए 70 के दशक में बनी पेयजल योजना सेे पेयजल आपूर्ति पूरी की जाती है। जो जर्जर हो चुकी है। जहां पंचायत को 80 हजार लीटर के करीब पानी रोजाना चाहिए वहीं पर मुश्किल से 4 से 5 हजार पानी ही नसीब हो रहा है। पंचायत में टटियाना गांव के अलावा दर्जन भर छोटे-छोटे गांव हैं। इन्हें इसी योजना से पानी दिया जा रहा है।
पंचायत प्रधान जयंती देवी, नवयुवक मंडल प्रधान पूर्ण शर्मा, महिला मंडल प्रधान नीलम शर्मा, बबीता देवी, सत्या देवी, वार्ड सदस्य सुनील शर्मा, अमर सिंह, रणदीप शर्मा, दीपो देवी, नीमा देवी ने कहा कि गांव में 4 महीने से पेयजल संकट मंडराया हुआ है। योजना की मशीनें पुरानी होने की वजह से खराब है। पूरी लाइन जर्जर हो चुकी है। इस कारण पानी की सप्लाई गांव तक नहीं पहुंच रही। लोग टैंकर से पानी मंगवा रहे हैं। इस बारे स्थानीय कर्मचारियों को कई बार बताया गया। लेकिन समस्या का हल करने की बजाय वह उल्टा लोगों के साथ उलझ पड़ते हैं। ग्रामीणों ने पहले कफोटा कार्यालय का घेराव किया। लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं था। धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीण पांवटा साहिब गए जहां पर अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया। कफोटा उपमंडल के सहायक अभियंता राजेंद्र चौधरी में बताया कि जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।