अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
तिब्बती समुदाय के लोगों ने शनिवार को पांवटा में 59 वें राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस पर विरोध रैली निकाली। पांवटा के भूपपुर तिब्बती कालोनी से एनएच-7 पर बद्रीपुर से मुख्य बाजार होकर मिनी सचिवालय तक रैली पहुंची। इस दौरान तिब्बती समुदाय के महिला व यूथ विंग के सैकड़ों सदस्यों ने भाग लिया। शांतिपूर्वक रैली निकाल कर चीन के अत्याचार को रोकने की यूएनओ से अपील की गई।
इस मौके पर भारत-तिब्बत मैत्री संघ के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। भारत-तिब्बत मैत्री संघ पांवटा अध्यक्ष डॉ. एमएल खुराना व महासचिव गीता राम ठाकुर, तिब्बती कांग्रेस स्थानीय इकाई अध्यक्ष कुनछोंग सिरिंग व महिला विंग अध्यक्ष पेमा ने कहा कि तिब्बत समुदाय पूरे विश्व में शांतिपूर्वक तरीके से 59वीं राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस वर्षगांठ मना रहा है। आज के दिन चीन के खिलाफ देश की आजादी को कुर्बानियां देने वाले शहीदों को याद किया जाता है। भारत समेत विश्व के ऐसे देशों का कार्यक्रम के दौरान आभार जताया गया, जिन्होंने मुश्किल घड़ी में पनाह दी है। स्थानीय तिब्बती कांग्रेस इकाई के नेताओं ने विश्व समुदाय से चीन द्वारा जारी दमनकारी नीतियों व अत्याचारों के खिलाफ सहयोग की अपील की है। चीन की कठोर नीतियों को देखते हुए वर्ष 2009 से अब तक तिब्बत के तीनों प्रांतों के 151 तिब्बतियों ने स्वाधीनता देने व दलाई लामा को वापस बुलाने की मांग को लेकर आत्मदाह कर लिया है जिसमें युवा, बुजुर्ग, भिक्षु, भिक्षुणियां, घुमंतू लोग व किसान शामिल हैं। विरोध प्रदर्शन में पांवटा, पुरुवाला, सतौन व कमरऊ तिब्बतियन सेटलमेंट प्रतिनिधि मौजूद रहे।