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टमाटर फिर लाल, प्याज ने भी निकाले आंसू

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अमर उजाला ब्यूरो
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पांवटा/राजपुर (सिरमौर)। आसमान छूते हरी सब्जियों के दामों ने आमजन के घर का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। पाले व शुष्क मौसम से टमाटर की फसल खराब होने तथा प्याज की जमाखोरी की वजह से सब्जियों के दाम फिर आसमान पर हैं।

इन दिनों पांवटा क्षेत्र के राजपुर, पुरूवाला, नघेता, बांगरण में टमाटर 60 से 80 प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। जबकि प्याज के दाम भी यहां 50 रुपये पहुंच चुके हैं। ऐसा होने से लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। राजबन, धौलाकुआं, माजरा, पुरूवाला, राजपुर आदि क्षेत्र के सब्जी विक्रेताओं व खरीदारों की मानें तो प्याज की बड़े पैमाने पर जमा खोरी हुई है जिस वजह से इसके दामों में बढ़ोतरी हुई है।
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वहीं टमाटर की आवक कम होने से इसके दाम बढ़े हैं। पांवटा सब्जी मंडी कल्याण सभा सोसायटी के अध्यक्ष सुनील कुमार व व्यापारी हरमिंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों वैवाहिक सीजन जोरों पर है जिसके चलते भी दामों में उछाल आया है। इसके अलावा टमाटर की पैदावार कर्नाटक, महाराष्ट्र व हिमाचल में होती है। कहीं बारिश तो कहीं पाला पड़ने से टमाटर को नुकसान पहुंचा है।
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पांवटा मंडी में सोमवार को प्याज 40 से 42 तथा टमाटर की 25 किलो की क्रेट 750 -800 रुपये यानी 35 रुपये प्रति किलो बिका।
उधर, राजपुर की मनीषा चौहान ने कहा कि प्याज-टमाटर के भाव बढ़ने से थाली का स्वाद कसैला हो गया है। जमाखोर थोक विक्रेताओं पर लगाम कसी जानी चाहिए। बांगरण की रेणु शर्मा ने कहा कि वह पहले प्याज-टमाटर किलो में लेते थे लेकिन अब आधा किलो ही खरीद पा रहे हैं। आदर्श कालोनी की इंदिरा शर्मा ने कहा कि टमाटर-प्याज के साथ-साथ फ्री मिलने वाला धनिया भी अब 20 रुपये किलो बिक रहा है।
 
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