सराहां (सिरमौर)। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के तहत पंचायत समिति पच्छाद में सत्तारूढ़ भाजपा का दांव उल्टा पड़ गया है। अपने कुनबे को बढ़ाकर बीडीसी में सेंधमारी का सियासी खेल खेलने वाली भाजपा खुद ही चारों खाने चित हो गई। बीडीसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए बुधवार को हुए चुनाव में फिर कांग्रेस काबिज हो गई। कांग्रेस को आठ, जबकि भाजपा को सात वोट पड़े। उषा तोमर अध्यक्ष और खुशी राम फिर उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इससे कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है, जबकि भाजपा खेमे में खामोशी छा गई है।
कुछ दिन पहले भाजपा ने सियासी दांव खेलते हुए पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था। बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए गए। तहसीलदार पच्छाद गुरमीत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुए चुनाव में कांग्रेस ने दोबारा उषा तोमर और खुशी राम पर दांव खेला, जबकि भाजपा की ओर से कुसुम देवी को अध्यक्ष और राजेश शर्मा को उपाध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया गया। हालांकि, कांग्रेस के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली भाजपा खेमे में आठ सदस्य थे, जबकि कांग्रेस खेमे में सिर्फ सात। लेकिन, मतदान के बाद जो परिणाम सामने आए वह चौंकाने वाले थे। मतदान में कांग्रेस के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों को आठ-आठ मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा को सात-सात। यानी भाजपा के खेमे से किसी एक ने क्रॉस वोटिंग की। पंचायत समिति के दोबारा अध्यक्ष बनने पर उषा तोमर ने कहा कि यह सत्य की जीत है। तहसीलदार पच्छाद गुरमीत सिंह नेगी ने बताया कि पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में उषा तोमर और खुशी राम विजयी हुए हैं। उन्हें आठ-आठ मत मिले।