सराहां (सिरमौर)। इस शहर की खस्ताहाल सड़कों का जिम्मेदार कौन था। आने वाला कल पूछेगा, तब सिरमौर का पैरोकार कौन था। तारकोल के बिना उखड़ी सड़कें, मगर इल्जाम मौसम पर धर दिया, अब तुम्हें क्या बताएं हम इस बर्बादी का असली हकदार कौन था..। जिला सिरमौर के एक युवा विद्रोही कवि की ये पंक्तियां इन दिनों सराहां के लोगों को रह-रहकर याद आ रही हैं।
दरअसल यहां सराहां बाजार और टिक्कर बाईपास चौक से लेकर पुराने बस स्टैंड की तरफ की गई टारिंग एक माह में भी उखड़ गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हुए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अब इसका दोष बरसात के पानी के सिर मढ़ रहे हैं। जबकि, क्षेत्र के लोग बरसात के दिनों में की गई टारिंग पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग को गर्मी की बजाय बरसात के दिनों में ही टारिंग की याद आती है। एक माह के भीतर ही इन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं, जो लोनिवि और ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल दाग रहे हैं। क्षेत्रवासी राजेश शर्मा, जगमोहन सिंह, नरेश कुमार, सोमदत्त, रमेश कुमार, करण सिंह आदि ने कहा कि एक माह पहले लोनिवि ने सराहां नए बस स्टैंड से बाजार और विश्राम गृह तथा टिक्कर चौक बाईपास से पुराने बस स्टैंड की ओर टारिंग की थी, जो अब उखड़ना शुरू हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हुए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी की बजाय बरसात के दिनों में विभाग ने टारिंग करवाई है। यह सरकारी पैसे का दुरुपयोग है। जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
क्या कहते हैं लोनिवि के अधिकारी
सहायक अभियंता सराहां राकेश खंडूजा ने कहा कि सड़क पर पानी भरा हुआ था, जिस वजह से टारिंग उखड़ी है। उन्होंने बताया कि जहां से टारिंग उखड़ी है, उस जगह को दोबारा दुरुस्त करवा दिया जाएगा। इसके अलावा जहां पानी इकट्ठा होता है, वहां निकासी का भी प्रावधान किया जाएगा।