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आज खुलेगा किस्मत का पिटारा, दांव पर लगी दिग्गजों की प्रतिष्ठा

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संजय भारद्वाज
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नाहन (सिरमौर)। इंतजार की घड़ियां खत्म। अब फैसले की घड़ी आ गई है। सुबह पौ पटते ही सियासत के धुरंधरों की किस्मत का पिटारा खुल जाएगा। 18 दिसंबर को सुबह आठ बजे से शुरू होने वाली मतगणना कहीं खुशी तो कहीं गम लेकर आएगी। चुनाव परिणाम से ही कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है।

किसी पर अपनी जीत बरकरार रखने का दबाव है तो कोई नेता सियासी शतरंज पर वापसी को बेताब। विधानसभा के यह चुनाव एक तरह से कई दिग्गज नेताओं का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। इनमें भाजपा के डॉ. राजीव बिंदल और सुख राम चौधरी जबकि कांग्रेस के जीआर मुसाफिर और हर्षवर्धन चौहान शुमार है।
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जिले की अधिकतर विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर होने के कारण मुकाबला भी रोचक है। सिरमौर की पांच विधानसभा सीटों के लिए 19 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। पच्छाद से तीन, नाहन से पांच, रेणुका से तीन, पांवटा और शिलाई से चार-चार प्रत्याशियों के लिए मतदान हुआ। खास यह रहा कि सिरमौर जिला में इस बार सर्वाधिक मतदान हुआ है। मतदान प्रतिशतता (81. 5) में सिरमौर पूरे प्रदेश में अव्वल रहा। यदि यह एंटी इन्कमवैंसी है तो इसका असर किस पर रहेगा। प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस सरकार पर या जिला में सत्तासीन विधायकों पर। यह चुनाव नतीजे तय करेंगे।
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जिला में यह है मतदान की स्थिति
सिरमौर जिला में कुल 81.5 प्रतिशत मतदान हुआ था जिसमें सर्वाधिक 84.18 प्रतिशत शिलाई में तथा सबसे कम 78.29 प्रतिशत मतदान रेणुका (आरक्षित) में दर्ज हुआ। पच्छाद में 79.84 प्रतिशत, नाहन में 82.48 प्रतिशत और पांवटा साहिब में 80.43 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था। हालांकि मतदान में महिलाओं की अपेक्षा पुरुष मतदाताओं की संख्या अधिक रही।
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इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
नाहन विधानसभा क्षेत्र में डॉ. राजीव बिंदल दूसरी बार मैदान में उतरे हैं। भाजपा के दिग्गज नेता राजीव बिंदल स्वास्थ्य मंत्री भी रहे हैं। वर्ष 2012 में सोलन हलका आरक्षित होने के बाद उन्होंने नाहन में आकर चुनाव लड़ा और 12 हजार से अधिक मतों से विजय हासिल की। इस बार उन पर जीत बरकरार रखने का दबाव है। पच्छाद में सात बार लगातार जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस नेता जीआर मुसाफिर पूर्व में विस अध्यक्ष और वन मंत्री रहे हैं। 2012 में वह भाजपा के सुरेश कश्यप से मात खा गए। कश्यप पर जीत बरकरार रखना चुनौती है तो मुसाफिर पर वापसी का दबाव। यही हाल शिलाई का है। यहां से लगातार तीन बार विधायक रहे कांग्रेस के हर्षवर्धन और बलदेव तोमर के बीच कांटे की टक्कर है।
--------------संजय भारद्वाज
--बाक्स--
नोट---फाइल नंबर 01 में बॉक्स लगाएं
वर्ष 2012 के चुनाव परिणाम----
1.पच्छाद विधानसभा
प्रत्याशी दल कुल मत
जीआर मुसाफिर कांग्रेस 22683
सुरेश कश्यप भाजपा 25488
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2.नाहन विधानसभा क्षेत्र
डॉ. राजीव बिंदल भाजपा 25459
कुश परमार कांग्रेस 12635
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3.श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र
विनय कुमार कांग्रेस 21332
ह्दिया राम भाजपा 20677
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4.पांवटा दून विधानसभा क्षेत्र
किरनेश जंग निर्दलीय 23713
सुखराम चौधरी भाजपा 22923
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5.शिलाई विधानसभा क्षेत्र
बलदेव तोमर भाजपा 23455
हर्ष वर्धन चौहान कांग्रेस 21537
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इनकी किस्मत का खुलेगा आज पिटारा (2017 के प्रत्याशी)
1.शिलाई विधानसभा क्षेत्र
प्रत्याशी दल
बलदेव तोमर भाजपा
हर्षवर्धन चौहान कांग्रेस
मनीराम स्वाभिमान पार्टी
केदार सिंह जिंदाल बसपा
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2.पांवटा दून विधानसभा क्षेत्र
सुखराम चौधरी भाजपा
किरनेश जंग कांग्रेस
मीना कुमारी लोक गठबंधन पार्टी
सुरेंद्र सिंह निर्दलीय
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3.पच्छाद विधानसभा क्षेत्र
सुरेश कश्यप भाजपा
जीआर मुसाफिर कांग्रेस
रतन कश्यप निर्दलीय
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4. नाहन विधानसभा क्षेत्र
अजय सोलंकी कांग्रेस
डॉ. राजीव बिंदल भाजपा
विरेंद्र शर्मा लोक गठबंधन पार्टी
विश्वनाथ शर्मा सीपीआईएम
जयचंद बसपा
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5.श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र
विनय कुमार कांग्रेस
बलबीर चौहान भाजपा
हृदय राम निर्दलीय
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