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डायरिया की चपेट में पूरा परिवार, दस साल के मासूम की मौत

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डाक्टर
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिलाई (सिरमौर)।
उपमंडल शिलाई के अंतर्गत नाया गांव में डायरिया ने दस साल के मासूम की जान ले ली। रविवार दोपहर करीब चार बजे परिजन इस बच्चे को अस्पताल लेकर आए थे। लेकिन, उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चे का पूरा परिवार डायरिया की चपेट में आने से उल्टी-दस्त और तेज बुखार से ग्रस्त है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए विभागीय टीम को मौके पर भेज दिया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार नाया गांव के जालम सिंह (75) का पूरा परिवार बुखार की चपेट में है। जालम सिंह, उसका बेटा फकीर चंद (35), बहु विमला देवी और पोती मन्नत (5) बीमार चल रहे हैं। उल्टी दस्त के साथ बुखार की भी शिकायत है। फकीर चंद की बेटी मन्नत रविवार को शिलाई अस्तपाल लाई गई थी। लेकिन, हालत गंभीर होने पर उसे पांवटा रेफर किया गया। वह पांवटा में उपचाराधीन है। वहीं, सोमवार को फकीर चंद के 10 वर्षीय बेटे टिंकू की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त की वजह से परिजन उसे शिलाई अस्पताल लेकर आए। जहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसकी मृत्यु हो गई। अस्पताल के प्रभारी डॉ. पीके तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक केस हिस्ट्री में यह पता चला है कि डायरिया की वजह से बच्चे के शरीर में पानी की मात्रा कम हो गई थी। उसे बुखार भी था। जिससे उसकी मौत हो गई। उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि नाया गांव के एक ही परिवार के छह सदस्यों को डायरिया होने की सूचना है। विभाग ने चिकित्सकों की टीम मौके पर भेज दी है। अभी तक पता नहीं चला है कि पूरा परिवार डायरिया की चपेट में कैसे आया। पीड़ितों से बातचीत के बाद ही इसका पता चल सकेगा।
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