नाहन (सिरमौर)।आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन के कैदियों में लगातार उच्च शिक्षा पाने की ललक बढ़ रही है। जमा दो के समकक्ष पढ़ाई करने के साथ-साथ कैदी स्नातक भी बन रहे हैं। खास बात यह है कि 18 साल से लेकर 45 साल की उम्र के कैदी उच्च शिक्षा प्राप्त करने में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं। कैदियों में शिक्षा की ललक का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 2014 में मात्र 23 कैदी ही शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। 2017 में इनका आंकड़ा बढ़कर 69 जा पहुंचा है।
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से बीपीपी (बेचलर प्रेपेरेटरी प्रोग्राम) व बीडीपी (बेचलर डिग्री प्रोग्राम) के तहत विभिन्न कोर्सिज में जमा दो व स्नातक के समकक्ष शिक्षा हासिल की जा रही है। वर्तमान समय में बीपीपी में 56 व बीडीपी में 12 शिक्षार्थी अपना जीवन संवारने में लगे हैं। इनमें पांच महिला कैदी भी शामिल हैं। 8 कैदी बीए प्रथम सेमेस्टर में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बीते मंगलवार को इग्नू की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम के सिंह ने नाहन जेल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कैदियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षा ग्रहण कर रहे कैदियों का मार्गदर्शन भी किया।
इस मौके पर जेल अधीक्षक जयगोपाल लोदटा के अलावा इग्नू सेंटर नाहन का स्टाफ भी उपस्थित रहा। जेल अधीक्षक जयगोपाल लोदटा ने बताया कि सुधारगृह में उच्च शिक्षा पाने वाले कैदियों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इस समय 69 कैदी इग्नू से विभिन्न कोर्स कर उच्च शिक्षा की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इग्नू के प्रशिक्षित स्टाफ से समय-समय पर कैदियों को मार्गदर्शन मिलता रहा है। लिहाजा, कैदियों में उच्च शिक्षा पाने का ललक बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बीपीपी व बीडीपी से कैदी जमा दो व स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं जो गर्व की बात है।