राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध वन कटान का मामला सामने आया है। हाब्बन क्षेत्र के जंगल से वन काटुओं ने देवदार के दो पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला ली। पेड़ की अधिकतर इमारती लकड़ी भी वन काटुए अपने साथ ले गए हैं।
वन विभाग को जब इसकी जानकारी मिली तो मौके पर जाकर सच्चाई का पता लगा। विभाग ने मौके से पेड़ का कटा ठूंठ और गेले भी बरामद किए हैं। वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। काटे गए पेड़ की कीमत लगभग 50 हजार बताई जा रही है।
राजगढ़ के जंगलों में अवैध कटान का सिलसिला बदस्तूर जारी है। राजगढ़, संगड़ाह व शिलाई उपमंडलों के जंगल वन काटुओं के निशाने पर रहते हैं। जिला सिरमौर के रिजर्व फोरेस्टों में मुख्य रूप से वन काटुओं के निशाने पर देवदार, कायल, सागवान व खैर के पेड़ हैं।
मंगलवार को राजगढ़ इलाके में अवैध कटान का मामला सामने आया। वन विभाग ने हाब्बन रेंज में दो देवदार के हरे पेड़ों को काटने का मामला पुलिस चौकी फटी पटेल में दर्ज करवाया है। रेंज अधिकारी हाब्बन ने बताया कि जब वन रक्षक रोहित कुमार व वन कर्मी केश्वानंद रिजर्व फोरेस्ट घोटाडी में गश्त पर गए तो उन्होंने देखा कि नैरीपुल-धारटू खाडी मैन रोड साइड के ऊपर दो देवदार के पेड़ काटे गए हैं। काटे गए पेड़ों की कीमत 47500 रुपये बनती है।
वन विभाग ने गश्त के दौरान मौके से 5 गेलियां बरामद की हैं। जब्त की गई 5 गेलियाें का मूल्य 13640 रुपये बताया जा रहा है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 379 व वन अधिनियम 26 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी राजगढ़ मीनाक्षी भारद्वाज ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।