योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)।
विधानसभा चुनाव से पहले लिए गए पूर्व कांग्रेस सरकार के फैसलों, घोषणाओं पर जयराम सरकार के पुन: विचार करने के ऐलान से सिरमौर जिले के तीन कॉलेजों पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा से चंद रोज पहले सिरमौर के ददाहू, नारग और रोनहाट में वीरभद्र सिंह ने कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। यहां तक कि इन कॉलेजों की अधिसूचना जारी कर बाकायदा स्टाफ की तैनाती भी कर दी गई लेकिन अब तक इन कॉलेजों को विद्यार्थी नहीं मिल रहे।
यहां आम चर्चा है कि तीनों कॉलेजों को वर्तमान सरकार डी-नोटिफाई भी कर सकती है। वर्तमान जयराम सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा चुनाव में फायदा लेने के लिए की गई घोषणाएं रद्द करने के भी संकेत दिए हैं। फिलहाल चुनाव से पहले हुई घोषणाएं होल्ड की गई हैं। इन पर पुन: विचार होगा। ऐसे में सिरमौर के तीन नए कॉलेजों पर गाज गिर सकती है। इनकी अधिसूचना को भी रद्द किया जा सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सितंबर माह के पहले सप्ताह में रेणुका विधानसभा क्षेत्र के ददाहू, शिलाई विधानसभा क्षेत्र के रोनहाट, पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के नारग में तीन नए कॉलेज खोलने की घोषणा के साथ ही इनकी अधिसूचना जारी कर दी थी लेकिन कॉलेजों के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं किया गया।
हालांकि डिग्री कॉलेज ददाहू में अभी तक एक भी बच्चे ने दाखिला नहीं लिया है लेकिन इस कॉलेज के खुलने से क्षेत्र की 30 पंचायतों के बच्चों को अवश्य लाभ मिलेगा।
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कॉलेज खुलने का कांग्रेस को मिला भारी लाभ
रेणुका और शिलाई विधानसभा क्षेत्र में कॉलेज खोलने का कांग्रेस को फायदा भी मिला। इन दोनों ही सीटों पर भाजपा जीत दर्ज नहीं कर पाई। रेणुका विधानसभा क्षेत्र में अकेले सैनधार व धारटीधार की 16 पंचायतों से ही कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार को 3000 से अधिक मतों की बढ़त मिली। इसका मुख्य कारण ददाहू में डिग्री कॉलेज का खुलना माना जा रहा है। ददाहू के 2 मतदान केंद्रों में से एक मतदान केंद्र से कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार को 43 मतों की बढ़त मिली। जबकि एक मतदान केंद्र से भाजपा प्रत्याशी बलबीर सिंह 99 मतों से आगे रहे। कुल मिलाकर कॉलेज खुलने का लाभ सीधा कांग्रेस के खाते में गया। जबकि शिलाई क्षेत्र में भी कांग्रेस के हर्षवर्धन चौहान विजय हुए थे।
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