अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जिला सिरमौर डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने पुलिस कर्मचारी पर हमला करने का दोष साबित होने पर एक व्यक्ति को दो साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
सहायक जिला न्यायवादी गीतांजली ने बताया कि नाहन शहर की गुन्नूघाट पुलिस चौकी में गाड़ियों के शीशे तोड़ने के एक मामले को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। इस सिलसिले में 12 मार्च 2016 को मुख्य आरक्षी वेद प्रकाश व आरक्षी हीरा सिंह गश्त करने के लिए बाजार में निकले थे। जब यह दोनों गश्त करते हुए डाकघर के समीप पहुंचे तो कन्या स्कूल की दीवार के साथ पार्किंग के पीछे एक व्यक्ति को संदिग्ध रूप से छिपा पाया गया।
मामले को लेकर जब मुख्य आरक्षी ने युवक से पूछताछ की तो आरोपी ने अपनी जेब से स्टील का कड़ा निकाला और ड्यूटी पर तैनात वेद प्रकाश के सिर पर मार दिया। इसके बाद आरक्षी हीरा सिंह व दो अन्य व्यक्तियों ने मुख्य आरक्षी को आरोपी से छुड़वाया।
सहायक जिला न्यायवादी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने दोषी किशन सिंह निवासी गोविंदगढ़ मोहल्ला नाहन के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने अदालत में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. आबीरा बासू ने तमाम तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को दोषी के विरुद्घ भारतीय दंड संहिता की धारा 353 के तहत दो साल और धारा 332 के तहत दो साल का कारावास व 10 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।