बस अड्डे को नहीं मिली जमीन, अब कॉलेज भवन के लिए तलाश
शिक्षा मंत्री के आदेश पर प्रशासन ने शुरू की जमीन चयन की प्रक्रिया
एक माह में दो योजनाओं के शिलान्यास कराना प्रशासन के लिए चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के आदेशों के बाद डिग्री कॉलेज ददाहू के भवन निर्माण को लेकर भूमि चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला प्रशासन अपने स्तर पर भूमि तलाशने में जुटा है, जिससे रेणुका मेले के दौरान सीएम से कॉलेज भवन का शिलान्यास करवाया जा सके। यह अलग बात है कि आज तक ददाहू बस अड्डे को भी जमीन नसीब नहीं हो पाई है। ददाहू बस अड्डे के निर्माण की घोषणा अप्रैल 2012 में भाजपा सरकार में परिवहन मंत्री रहे महेंद्र सिंह ठाकुर ने की थी। इसके बाद नवंबर 2013 में वीरभद्र सरकार ने भी ददाहू बस अड्डे के निर्माण की घोषणा की। हैरानी की बात है कि आज तक बस अड्डे के लिए न जिला प्रशासन जमीन तलाश पाया है और न ही निगम प्रबंधन। आज भी ददाहू बस अड्डा खस्ताहाल भवन में चल रहा है। बसें खड़ी करने के लिए बस अड्डे पर जगह ही नहीं मिल पाती। तीन विधानसभा क्षेत्र के केंद्रबिंदु ददाहू में बस अड्डे के लिए जमीन तलाशते-तलाशते छह साल का वक्त गुजर चुका है। ऐसे में कॉलेज भवन के लिए जमीन तलाशने का कार्य एक माह में कैसे संभव हो पाएगा। शिक्षा मंत्री ने भूमि चयन को लेकर कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि ददाहू में आगामी रेणुका मेले के दौरान दो योजनाओं के शिलान्यास किए जाने प्रस्तावित हैं। इसे मुख्यमंत्री के हाथों कराया जाना है। ददाहू में बस अड्डे के निर्माण को लेकर पांच बीघा से अधिक भूमि की आवश्यकता है। इसका चयन अभी तक सरकारी तौर पर नहीं हो पाया है। वहीं, कॉलेज के लिए भी 32-35 बीघा भूमि की जरूरत है। करीब 40 बीघा सरकारी भूमि पर एक साथ शिलान्यास करवाए जाने हैं। डिग्री कॉलेज ददाहू के कार्यवाहक प्राचार्य दिनेश भारद्वाज ने बताया कि भूमि के चयन से संबंधित प्रक्रियाओं को निपटाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशक ने उन्हें आदेश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम नाहन को पत्र लिखकर इसके बारे में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
उधर, एसडीएम नाहन विवेक शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों के बाद डिग्री कॉलेज ददाहू के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया है। कॉलेज भवन निर्माण के लिए दो हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। ददाहू में राजस्व विभाग के पास इतनी भूमि नहीं है। लेकिन भूमि चयन को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। शीघ्र ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।