नारग कॉलेज में सिर्फ तीन दिन हुए दाखिले
कई विद्यार्थी मझधार में फंसे
लोगों ने दाखिले दोबारा शुरू करने की उठाई मांग
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। नारग कॉलेज में पहले साल सिर्फ 17 दाखिले हुए हैं। दो दर्जन के करीब और विद्यार्थी कॉलेज में दाखिला लेने को तैयार हैं लेकिन एडमिशन की तिथि निकलने से वे दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। विद्यार्थियों की कम संख्या की वजह सरकारी लेटलतीफी बताई जा रही है। इस वजह से विद्यार्थी मझधार में फंसे हैं।
पिछली कांग्रेस सरकार ने चुनावी साल में यहां कॉलेज खोलने की घोषणा की है लेकिन प्रदेश के कॉलेजों में दाखिला शुरू होने के बावजूद यहां पर एडमिशन शुरू नहीं हुई। लोगों का कहना है कि 23 जून को शिक्षा निदेशालय ने सोलन कॉलेज के प्राचार्य को नारग में एडमिशन की जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन एडमिशन प्रक्रिया सिर्फ तीन दिन ही हो पाई। दाखिले का समय सीमित होने के कारण लोगों ने लाउड स्पीकर से आसपास के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद कॉलेज में पंद्रह लड़कियों और दो लड़कों ने प्रवेश लिया। दाखिला लेेने को तैयार करीब दो दर्जन विद्यार्थी दाखिला नहीं ले पाए हैं। हैं
एडमिशन की तारीख बढ़ाने को लेकर नारग और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने बैठक की। बैठक में भाजपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों ने एकजुट होकर सरकार से मांग की कि नारग डिग्री कॉलेज के लिए एडमिशन की तिथि को बढ़ाया जाए। लोगों ने ईमेल से मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री सहित शिक्षा निदेशक को भी कॉलेज में दाखिले की तिथि बढ़ाने की मांग की है। नारग वासी मुनीलाल पवार, पूर्व पंचायत प्रधान बीडी शर्मा, पंचायत प्रधान हितैषीका, जिला परिषद सदस्य पूनम पवार, रणधीर सिंह, नयादर सिंह, रतन सिंह और सुखदेव सिंह ने बताया कि कॉलेज में सिर्फ तीन दिन ही एडमिशन हुई है। सराहां और सोलन कॉलेज से भी बच्चों को वापस बुलाया गया है, लेकिन उन्हें एडमिशन नहीं मिल रही। कॉलेज के लिए एडमिशन की तिथि पुन: निर्धारित की जानी चाहिए। इस बारे में सोलन कॉलेज की प्राचार्य नीलम ने बताया कि कॉलेज में दाखिले को लेकर पहले कोई गाइड लाइन नहीं आई थी। 23 जून को निर्देश मिलते ही एडमिशन शुरू की गई। लोगों ने उन्हें भी मांग पत्र भेजा है, जिसे निदेशक कार्यालय भेजा गया है। पुन: दाखिले की अनुमति मिली तो फिर से प्रक्रिया शुरू की जाएगी।