अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (जिला सिरमौर)।
सीएंडवी वर्ग के 64 अध्यापकों को दो अग्रिम वेतनमान दिए जाने के माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना न होने पर राजकीय सेवानिवृत्त अध्यापक संघ जिला सिरमौर ने गहरा रोष प्रकट किया है। संघ ने पारिवारिक पेंशनरों को 65, 70 और 75 वर्ष आयु में दी जा रही 5, 10 व 15 प्रतिशत बढ़ोतरी को बंद करने पर नाराजगी जताई है। इस संदर्भ में संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक ज्ञापन भेजा।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में संघ के कार्यकारी प्रधान राजकुमार शर्मा, महासचिव दलीप सिंह वर्मा, श्यामचंद शर्मा, भूषण कुमार, ओमलता कालरा, संतराम शर्मा, प्रेमलता कश्यप, देवी सहाय शास्त्री ने कहा कि वर्ष 1999 से अपना 20 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके हैं, सीएंडवी शिक्षकों को सरकार नेे दो अग्रिम वेतनमान प्रदान किए थे लेकिन 1999 से पहले सेवानिवृत्त हुए अध्यापकों को इससे वंचित रखा गया।
इस लाभ से वंचित 64 अध्यापकों ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायक की थी जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने 64 अध्यापकों के पक्ष में फैसला देते हुए अपने आदेश संख्या सीडब्ल्यूपी 3713 ऑफ 2012बी दिनांक 23 मई 2012 के माध्यम से सभी अध्यापकों को तीन माह के भीतर दो अग्रिम वेतनमान का लाभ देने का फैसला सुनाया था जिसे सात साल बाद भी सरकार ने लागू नहीं किया है। जबकि इस बीच मुख्य याचिकाकर्ता इकबाल मोहम्मद शेख सहित कई अध्यापकों की मृत्यु भी हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार से दो अग्रिम वेतन देने, पारिवारिक पेंशनरों जिन्हें सरकार ने 65, 70 व 75 वर्ष की आयु में 5, 10 व 15 प्रतिशत डीए स्वीकृत किया था, जो अब बंद कर दिया है को पुन: शुरू करने, पेंशनरों के मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है।