अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
स्वास्थ्य उपकेंद्र कालाअंब में बुधवार को आयोडीन की कमी निवारण दिवस मनाया गया। धगेड़ा स्वास्थ्य खंड की ओर से आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षिका कृष्णा राठौर ने लोगों को आयोडीन की कमी से पैदा होने वाली समस्याओं व बीमारियों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि आयोडाइज्ड नमक की कमी से गर्भपात की समस्या पैदा हो सकती है। कम वजन वाले बच्चे पैदा होना भी इसका लक्षण है। इसके अलावा गितलड़ रोग, भैंगापन व बौनापन आयोडीन की कमी से होते हैं।
उन्होंने बताया कि विश्व के 1.5 मिलियन लोग ऐसे रोगों से खतरे में हैं। जबकि, 30 मिलियन लोग आयोडीन की कमी से ग्रस्त हैं। आयोडीन की कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है। अंडा व ब्रैड व आयोडाइज्ड साल्ट आदि आयोडीन के मुख्य स्रोत हैं। फलों व सब्जियों में भी आयोडीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
उन्होंने कहा कि दाल व सब्जी पककर तैयार होने पर ही नमक डाला जाना चाहिए। इससे नमक में युक्त आयोडीन की मात्रा कम नहीं होती। इस मौके पर स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता सिमला, देवी, बिंदु, प्रीति, ललिता सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर व स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।
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