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एक माह के भीतर ही उखड़ने लगी एनएच की टारिंग

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अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
चंडीगढ़-देहरादून वाया कालाअंब-पांवटा नेशनल हाईवे पर हुई टारिंग सवालों के घेरे में आ गई है। दो सड़का से मोगीनंद तक की गई टारिंग एक माह के भीतर ही उखड़ने लगी है। इसको लेकर कालाअंब वार्ड के बीडीसी सदस्य नीरज चौहान ने राज्यपाल को पत्र लिखकर एनएच प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि एनएच प्रशासन ने मेटलिंग के कार्य को बरसात में ही शुरू करवाया। अब हालत यह है कि सड़क कई जगह उखड़ने लगी है।
उन्होंने टारिंग के कार्य में लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत पत्र में नीरज चौहान ने बताया कि टारिंग के लिए बरसात का समय उपयुक्त नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि टारिंग में मैटेरियल भी घटिया किस्म का लगाया गया है। हालांकि अब यह कार्य बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान करीब 15 किलोमीटर सड़क की टारिंग की गई है जो कई स्थानों से टूट चुकी है।
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उन्होंने बताया कि विभाग से उन्होंने आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी कि बरसात में टारिंग के लिए समय उपयुक्त है या नहीं। इस पर विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि टारिंग के लिए बरसात का मौसम सही नहीं है। ऐसे में टारिंग के लिए खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग को गर्मी में यह कार्य करना चाहिए था लेकिन विभागीय अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण वाहन चालकों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि एक तरफ विभाग टारिंग कार्य को अंजाम दे रहा है वहीं बोहलियों व शंभूवाला आदि स्थानों पर सड़क की दशा बद से बदतर बनी हुई है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि इस मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए।
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उधर, एसडीओ नेशनल हाईवे निर्मल सिंह ने बताया कि दोसड़का से मोगीनंद तक की गई टारिंग का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा गया है। अक्तूबर व नवंबर माह में इस सड़क की एक बार फिर टारिंग होगी। उन्होंने बताया कि धौलाकुआं से मोगीनंद तक टारिंग का कार्य 19 करोड़ में निजी कंपनी को सौंपा है। डेढ़ साल तक रोड का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके तीन साल बाद तक रोड के रखरखाव का जिम्मा भी कंपनी का ही है।
--एक माह के भीतर ही उखड़ने लगी एनएच की टारिंग
--बीडीसी सदस्य ने राज्यपाल को पत्र भेज कर की शिकायत
बरसात के मौसम में हुई टारिंग, गुणवत्ता पर भी सवाल
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