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Sirmour News: सड़क हादसे में दिव्यांग हुए व्यक्ति को 12.47 लाख, घायल को 10 हजार मुआवजा

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एमएसीटी-1 नाहन का फैसला, दोनों मामलों में बीमा कंपनी को भुगतान के आदेश
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कंपनी को छह फीसदी ब्याज सहित करना होगा भुगतान

संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शक्ति नगर नाहन में अक्तूबर 2024 में हुए सड़क हादसे से जुड़े दो अलग-अलग मोटर दुर्घटना दावा मामलों में एमएसीटी-1 नाहन ने फैसला सुनाया है। एक ही हादसे में दिव्यांग हुए अमित कुमार को 12,47,595 रुपये, जबकि बाइक पर पीछे बैठे कमल किशोर थपलियाल को 10 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए गए हैं। दोनों मामलों में छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित राशि का भुगतान न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को करना होगा।
मामला पांच अक्तूबर 2024 का है। अमित कुमार मोटरसाइकिल चला रहे थे और कमल किशोर थपलियाल पीछे बैठे थे। दोसड़का शक्ति नगर में सामने से आ रही मारुति बलेनो कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
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अधिकरण के पीठासीन अधिकारी योगेश जसवाल ने दोनों मामलों में फैसला सुनाया। अधिकरण ने साक्ष्यों, एफआईआर और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर हादसे के लिए कार चालक कपल बीर सिंह की लापरवाही को जिम्मेदार माना। बीमा कंपनी की ओर से चालक के वैध लाइसेंस नहीं होने और बीमा शर्तों के उल्लंघन की दलील दी गई, लेकिन अधिकरण ने इसे साबित नहीं माना।
अमित कुमार को पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में 6 दिन भर्ती रहना पड़ा। वह अब भी व्हीलचेयर के बिना चलने में असमर्थ हैं और उनके पैर में स्थायी विकलांगता हो गई है। परिवार के एकमात्र कमाने वाले होने के कारण उनकी आय क्षमता का नुकसान हुआ है। अमित कुमार ने 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी। मामले में अधिकरण ने उपचार खर्च, तीन माह की आय के नुकसान, परिचारक खर्च, अतिरिक्त आहार, परिवहन, भविष्य की आय के नुकसान, जीवन की सुख-सुविधाओं में कमी तथा दर्द एवं पीड़ा समेत विभिन्न मदों में कुल 12,47,595 रुपये मुआवजा तय किया। इसमें भविष्य की आय के नुकसान के लिए अकेले 9,67,680 रुपये शामिल हैं।
वहीं, कमल किशोर थपलियाल ने 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। उन्होंने गंभीर चोटों, इलाज और आय प्रभावित होने का दावा किया था, लेकिन अधिकरण के समक्ष अस्पताल में भर्ती रहने, फ्रैक्चर, स्थायी विकलांगता, आय के नुकसान और इलाज पर खर्च के पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके। मेडिकल रिकॉर्ड में भी गंभीर फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई।
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अधिकरण ने उनकी चोटों को साधारण प्रकृति का मानते हुए कुल 10,000 रुपये मुआवजा निर्धारित किया। दोनों मामलों में मुआवजे की राशि पर याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।
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