न्यायाधिकरण ने सुनाया फैसला, साल 2018 में पांवटा साहिब में कार की टक्कर से हुई थी मजदूर की मौत
परिजनों ने मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार, बीमा कंपनी को भुगतान का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले साइकिल सवार के परिजनों को 12.46 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायाधिकरण कपिल शर्मा ने एचडीएफसी एग्रो जनरल इंश्योरेंस कंपनी (बीमा कंपनी) को मुआवजा राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला 15 नवंबर 2018 को पांवटा साहिब थाना क्षेत्र का है। न्यायाधिकरण के अनुसार, जगतपुर गांव निवासी सलीम अली साइकिल से मजदूरी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मदरसा कादरिया के पास कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में सलीम अली को गंभीर चोटें आईं और उन्हें सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पत्नी जमिला और नाबालिग पुत्र ने न्यायालय में याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की थी। सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण ने पाया कि दुर्घटना कार चालक की तेज और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से हादसे की पुष्टि हुई।
इसके बाद न्यायाधिकरण ने मृतक की आय, उम्र और आश्रितों की संख्या को ध्यान में रखते हुए 12.46 लाख रुपये मुआवजा निर्धारित किया। आदेश के अनुसार मुआवजा राशि का 60 प्रतिशत मृतक की पत्नी को और 40 प्रतिशत नाबालिग बेटे को दी जाएगी। नाबालिग का हिस्सा बैंक में एफडी के रूप में जमा रहेगा और वह इसे बालिग होने पर प्राप्त कर सकेगा। बीमा कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरी राशि समय पर जमा करे।