पिछले कई वर्षों से मुआवजे का इंतजार कर रहे प्रस्तावित रेणुका बांध विस्थापितों के अच्छे दिन आ गए हैं। भू-स्वामियों को उनकी जमीन की एवज में मुआवजे का भुगतान शुरू कर दिया गया है। केंद्रीय जल एवं संसाधन मंत्रालय की ओर से 440 करोड़ रुपये जारी किए जाने के बाद सैनधार क्षेत्र के पनियाली मौजे के 124 भू-स्वामियों को आज चेक वितरित किए गए। वीरवार को कुल 16 करोड़ रुपये के चेक बतौर मुआवजा बांटे गए। शेष राशि का भुगतान शनिवार तक किया जाएगा।
भू-अर्जन अधिकारी शिमला संजीव शर्मा ने बताया कि पहली चरण में पनियाली मौजे के कुल दो अवार्डों की 583.3 बीघा भूमि के 321 विस्थापितों व भू-मालिकों को भुगतान किया जा रहा है। इसमें मौजे के कुल 321 भू-मालिकों को करीब 23 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसको लेकर रेणुका बांध कार्यालय में बकायदा काउंटर स्थापित कर राशि के चेक वितरित किए जा रहे हैं। वीरवार तक 16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का वितरण किया गया।
शेष राशि अगले दो दिनों तक अदा कर दी जाएगी। इस मुआवजा राशि की आस विस्थापित पिछले चार वर्षों से लगाए बैठे थे। भूमि का अवार्ड भी वर्ष 2012 में किया गया था। इसमें 351.9 बीघा भूमि मल्कीयत व 231.4 बीघा शामलात भूमि शामिल है। इसके अतिरिक्त मौजा कंगा के विस्थापितों की मुआवजा राशि का भुगतान भी इसी माह के अंतिम सप्ताह तक कर दिया जाएगा। मौजा राशि प्रदान करने को लेकर विस्थापितों में भारी उत्साह दिखाई दिया।
विस्थापित अपने पूरे हिस्सेदारों व सगे संबंधियों सहित बांध कार्यालय में अपने चेक लेने पहुंचे। इस मौके पर एलएओ संजीव शर्मा के अतिरिक्त रेणुका बांध के डीजीएम देशराज शर्मा, नायाब तहसीलदार नंदलाल पुंडीर, ओमप्रकाश, प्रेमचंद, टेकचंद, कार्यालय अधीक्षक नानक चंद शर्मा सहित कानूनगो गोवर्धन, पटवारी सिधुराम सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।