अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिलाई में पिछले पांच दिनों से बिजली गुल है। इस वजह से रोगियों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के एक दर्जन महत्वपूर्ण कमरों में बीते चार दिनों से बिजली बंद है। साहब छुट्टी पर हैं और बिजली को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ सकती है। कड़ाके की ठंड की रातों में मरीजों, प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा और उनके तीमारदारों को अंधेरे में रातें काटनी पड़ रही हैं। लोगों का कहना है कि यहां सुनने वाला कोई नहीं। विभाग के अधिकारी अक्सर अवकाश पर रहते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली की व्यवस्था दुरुस्त की जाए अन्यथा उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। तीमारदार कंवर सिंह, रमेश, कमला देवी, इंद्र सिंह आदि का कहना है कि चार दिन से मेल वार्ड, जच्चा-बचा वार्ड, अस्पताल की लेबोरेटरी तथा चार शौचालयों सहित एक दर्जन कमरों की बिजली बंद है। बीएमओ साहब छुट्टी पर हैं लिहाजा, बिजली को दुरुस्त नहीं किया जा रहा। उधर, इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके पराशर ने बताया कि उन्हें फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। खंड चिकित्सा अधिकारी से जानकारी हासिल कर इसके बारे में उचित कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में बिजली बोर्ड को भी सूचित किया जा रहा है।
अघोषित कटों ने भी बढ़ाई दिक्कतें
शिलाई में इन दिनों बिजली के अघोषित कटों से क्षेत्र की 40 से ज्यादा पंचायतों के हजारों उपभोक्ता परेशानियां झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बोर्ड बीते एक माह से सुबह-शाम आधे से एक घंटे के अघोषित कट लगा रहा है। ग्रामीणों ने बोर्ड को चेतावनी दी है कि यदि यह कट बंद न हुए तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।