नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में तमाम सुविधाओं का आकलन कर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तीन सदस्यीय टीम वापस लौट गई है। दो दिन तक टीम ने कॉलेज के विभिन्न वार्डों और मशीनरियों आदि का आकलन किया। वहीं, स्टाफ की कमी को लेकर भी फीडबैक लिया। वीरवार और शुक्रवार को कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद टीम शाम को वापस लौट गई है। इसके बाद इस निरीक्षण की एक रिपोर्ट तैयार कर कॉलेज प्रबंधन को भेजकर सामने आई कमियों को दूर करने के बारे में कहा जाएगा। इसके बाद ही चौथे बैच के लिए लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) जारी किया जाएगा।
गौरतलब है कि वीरवार सुबह करीब 8:30 बजे एमसीआई की टीम नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंच गई थी। टीम ने दो दिन तक चौथे बैच के लिए कॉलेज में जरूरी सुविधाओं का अध्ययन किया। एमसीआई टीम के तीनों सदस्यों ने अलग-अलग क्षेत्र में जाकर जांच की। डॉक्टर जीवी प्रकाश ने मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल, ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर, अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक आदि का निरीक्षण किया। डॉ. एमपी सुधांशु ने कॉलेज में पैरा क्लीनिक, केंद्रीय प्रयोगशालाएं, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, लेक्चर हॉल, एग्जामिनेशन हॉल, कॉमन रूम, छात्रों के हॉस्टल आदि का मुआयना किया। डॉ. बीके बैज बराहू ने मेडिकल कॉलेज में डिस्पेंसरी, दवाइयों की सप्लाई, ओबीजी, बच्चों को मिलने वाली चिकित्सकीय सुविधा, लेबर रूम, चिकित्सकीय उपकरणों आदि की जांच की। टीम ने मेडिकल कॉलेज के दस्तावेजों को भी खंगाला है।
380 बेड की जरूरत, उपलब्ध सिर्फ 250
सूत्र बताते हैं कि मेडिकल कॉलेज के चौथे बैच के लिए 380 बेड का अस्पताल होना चाहिए। जबकि अभी मेडिकल कॉलेज में 250 बेड का अस्पताल है। हालांकि, 50 बेडों का कार्य जारी है जिसे अगले बैच से पहले पूरा करने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज के 23 में से 20 विभाग चौथे वर्ष की मान्यता के लिए शुरू होने चाहिए। वर्तमान में यहां करीब डेढ़ दर्जन विभाग शुरू किए गए हैं।
एमसीआई की टीम दो दिन का दौरा वापस लौट गई है। यह टीम औचक निरीक्षण पर आती है। नाहन मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं को लेकर टीम आश्वस्त दिखी। यह टीम पूूरी रिपोर्ट तैयार कर कमियों को दूर करने के बारे में कहेगी, जिन्हें दूर कर दिया जाएगा। ---डॉ. बाबा, एडमिस्ट्रेटर नाहन मेडिकल कॉलेज।