फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

14 दिन बाद मिला ठेकेदार, 5 दिन में ढांक काटने को तैयार

विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ियाल्टा में चट्टान काटने को ठेकेदार ने भरी हामी
विज्ञापन

14 दिन बाद मिला ठेकेदार, पांच दिन में ढांक काटने को तैयार
आठ अगस्त को बंद हो गई थी सड़क, चट्टान उड़ाना ही विकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)। आखिरकार 14 दिन के बाद लोक निर्माण विभाग को बड़ियाल्टा ढांक काटने के लिए एक ठेकेदार मिल गया है। ठेकेदार पांच दिन के भीतर पूरी ढांक काटने को तैयार है। बशर्ते कि ठेकेदार को इस कार्य के लिए विभाग पांच लाख रुपये की राशि दे। यदि विभाग इस राशि की अदायगी करता है तो एक सप्ताह के भीतर हरिपुरधार-नाहन सड़क बहाल हो सकती है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो सप्ताह से बड़ियाल्टा के समीप बड़ी चट्टानें गिरने से हरिपुरधार-नाहन सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। आठ अगस्त को भारी भूस्खलन के चलते बंद हुई सड़क को कुछ दिन बाद विभाग ने एक कच्चा डंगा लगाकर छोटे वाहनों के लिए तो बहाल कर दिया लेकिन, चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी होने के कारण पक्का डंगा लगाने का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। विभाग के सामने मुश्किल यह है कि जब तक सड़क के पीछे का पहाड़ नहीं काटा जाता, तब तक डंगा लगा पाना संभव नहीं है। विभाग पिछले 14 दिन से ढांक को काटने के लिए ठेकेदार ढूंढ रहा था लेकिन खतनाक ढांक को काटने के लिए कोई भी ठेकेदार तैयार नहीं हुआ। अब एक ठेकेदार ने पहाड़ी को काटने के लिए अपनी हामी भरी है। उधर, एक्सईएन संगड़ाह आरके शर्मा ने बताया कि पिछले कई दिन से ढांक काटने के लिए ठेकेदारों की तलाश की जा रही थी। लेकिन, कोई भी ठेकेदार ढांक काटने के लिए तैयार नहीं हो रहा था। मंगलवार को उनके अधिकारी हरिपुरधार के एक ठेकेदार को मौके पर ले गए थे। मौके का मुआयना करने के बाद ठेकेदार काम करने के लिए राजी हो गया है।
विज्ञापन

रस्सियों से उतारे मजदूर
एसडीओ हरिपुरधार भरत भूषण और जेई देशराज शर्मा के साथ हरिपुरधार के एक ठेकेदार ने मौके का मुआयना किया। पहाड़ पर चढ़कर ठेकेदार ने पचास मीटर ओवर हैंगिंग ढांक में रस्से के सहारे मजदूरों को उतारा। मजदूरों ने ढांक का निरीक्षण करने के बाद बताया कि ढांक में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी दरारें आई हैं लिहाजा, पचास मीटर की ऊंचाई से ढांक को ब्लास्ट करके उड़ाना पड़ेगा। ढांक को उड़ाने के बाद ही बड़े वाहनों के लिए सड़क बहाल हो सकेगी। साथ ही पक्के डंगे का भी निर्माण हो पाएगा। ऐसे में हरिपुरधार-नाहन मार्ग पर चार से पांच दिन के लिए यातायात पूरी तरह से ठप हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें