नाहन (सिरमौर)।
खेलकूद प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले नौनिहालों के लिए अच्छी खबर है। अब खेलकूद प्रतियोगिता के लिए स्कूली नौनिहालों को खेल के जूते व चुराबें मिलेंगे। शिक्षा निदेशालय ने खिलाड़ियों को जूते व दो जोड़े जुराब की सुविधा देने के लिए अपनी हामी भर दी है।
अब शिक्षा विभाग मंजूरी के लिए सरकार के पास फाइल भेजेगा।
सरकारी स्कूलों की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान ‘अमर उजाला’ ने बिना जूतों के हिस्सा ले रहे नौनिहालों को लेकर खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। 11 तारीख के अंक में ‘अमर उजाला’ ने नंगे पैर व चप्पलों में दौड़ाए स्कूली विद्यार्थी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डिप्टी डायरेक्टर एलीमेंट्री दलीप सिंह नेगी ने खबर का संज्ञान लेते हुए इस मामले से जुड़ी फाइल को शिक्षा निदेशालय को भेजा। अब शिक्षा निदेशालय ने खेलकूद प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों को जूते व दो जोड़े जुराब देने के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है।
इस मामले से जुड़ी फाइल जल्द ही शिक्षा विभाग सरकार को भेजेगा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद स्कूली खिलाड़ियों को खेलकूद प्रतियोगिता में जूते व जुराबें उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जाएगा। खिलाड़ियों के साथ आने वाले अध्यापकों का यही तर्क रहता है कि ड्रेस किट भी शिक्षक अपने स्तर पर स्कूली बच्चों को उपलब्ध कराते हैं।
खेलकूद प्रतियोगिता के लिए सरकार से जो बजट मिलता है, वह छात्रों की यात्रा सुविधा व खाने पीने पर खर्च किया जाता है। ब्लॉक स्तर पर होनी वाली प्रतियोगिता में सरकार 42 हजार रुपये का बजट खर्च करती है। जबकि, राज्यस्तर पर 4.20 लाख रुपये खर्च किया जा रहा है। जोन व ब्लॉक व जिला स्तर पर ड्रेस किट व जूते जुराब जैसी सुविधा खिलाड़ियों को उपलब्ध नहीं होती।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक दलीप सिंह नेगी ने बताया कि खबर के संज्ञान के बाद मामले को शिक्षा निदेशालय भेजा गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय ने खिलाड़ियों को जूते व दो जोड़े जुराब देने के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। अब मामले से जुड़ी फाइल पर सरकार की अंतिम मुहर लगनी बाकी है।