फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले चुनाव के बहिष्कार का ऐलान, फिर दो बजे के बाद मतदान

विज्ञापन
विज्ञापन
पहले चुनाव के बहिष्कार का ऐलान, फिर दो बजे के बाद किया मतदान
विज्ञापन

आश्वासन के बाद वोट देने पहुंचे चिमलटी-पथरोटी गांव के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में दो दिन पहले सामूहिक रूप से चुनाव का बहिष्कार कर चुके ग्रामीणों ने आश्वासन के बाद दो बजे के बाद मतदान किया। पच्छाद के तहसीलदार व पंचायत उपप्रधान की मध्यस्थता के बाद मिले आश्वासन पर ही मतदाता वोट डालने के लिए राजी हुए।
विज्ञापन

रविवार सुबह से ही गांव का कोई भी व्यक्ति मतदान के लिए नहीं पहुंचा था। दो बजे के बाद ही लोग मतदान के लिए पहुंचने शुरू हुए। बता दें कि पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बाग पाशोग पंचायत के चिमलटी-पथरोटी गांव के दो दर्जन परिवारों ने सामूहिक रूप से दो दिन पहले निर्णय लिया था कि आने वाले लोकसभा चुनाव में वह वोट नहीं देंगे। इस पर तहसीलदार पच्छाद व पंचायत के उपप्रधान गोकुल शर्मा ने मध्यस्थता करके लोगों को चुनाव के लिए राजी कर लिया। प्रशासन ने बाग पशोग पंचायत के उपप्रधान को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही उनके गांव को सड़क सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। अन्य जो भी उनकी मूलभूत सुविधाएं हैं, उन्हें भी पूरा किया जाएगा। गौरतलब हो कि ग्रामीणों ने चुनाव के बहिष्कार को लेकर बाकायदा बैठक की थी, जिसमें करीब दो दर्जन परिवारों के दर्जनों लोगों ने भाग लिया था। बैठक के बाद निर्णय लिया गया था कि लोकसभा चुनाव का पूरे गांव के लोग बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों में रोष है कि पिछले 10 साल से वे अपने गांव के लिए सड़क सुविधा के लिए दोनों पार्टियों के नेताओं के चक्कर काट चुके हैं। लेकिन, किसी ने भी उनकी बात नहीं सुनी है। ऐसे में मजबूरन उन्हें यह निर्णय लेना पड़ रहा था। ग्रामीण जोगेंद्र ठाकुर, हितेंद्र ठाकुर, विजय ठाकुर, केशोराम, गंगाराम, बाबूराम, प्रेमसिंह, कमल सिंह, बलबीर सिंह, देवदत्त, रतन सिंह, रविदत्त, नरपत सिंह, बलवंत सिंह, निर्मला देवी, बालों देवी, पार्वती देवी, विमला देवी, आरती, रिता देवी, कमला देवी, कमला देवी व गंगा देवी ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना राज्यपाल व उपायुक्त सिरमौर को भी भेज दी थी। उन्होंने कहा कि उनके गांव के लिए आज दिन तक न ही किसी ने रास्ता बनाया और न ही उनके गांव में सामुदायिक भवन है। पानी के लिए भी ग्रामीण तरस रहे हैं। जबकि, चुनाव के समय जो भी नेता आता है, वह यह आश्वासन जरूर देता है कि उनके गांव को सड़क से जोड़ा जाएगा। पंचायत के उपप्रधान गोकुल शर्मा ने बताया कि तहसीलदार पच्छाद व क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने ग्रामीणों से बात की। उन्हें पंचायत के माध्यम से आश्वासन दिया गया कि उनके गांव को शीघ्र ही सड़क सुविधा व अन्य मूलभूत सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने मतदान करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने दो बजे के बाद धरोटी मतदान केंद्र पर मतदान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें