खराब सड़क का बहाना बना, नहीं गया एंबुलेंस कर्मी
मरीज को निजी वाहन में पहुंचाना पड़ा अस्पताल
शिलाई के डिमटी गांव के व्यक्ति ने की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए शुरू की गई 108 सेवा लोगों के लिए जीवनदायनी साबित हो रही है। कई गर्भवती महिलाओं के एंबुलेंस में ही सफल प्रसव करवाए गए हैं लेेकिन एंबुलेंस से जुड़ी कई खामियां भी सामने आने लगी हैं। शिलाई उपमंडल के अंतर्गत आने वाली बेला पंचायत के डिमटी के एक ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि एंबुलेंस कर्मी ने सड़क खराब होने की बात कहकर मरीज के गंतव्य तक जाने से इंकार कर दिया और एंबुलेंस खाली अस्पताल ला दी। जबकि सड़क पर छोटे-बड़े वाहन लगातार दौड़ रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने एसडीएम को दी शिकायत में 108 एंबुलेंस के चालक पर मनमानी करने व उच्च अधिकारियों को झूठी रिपोर्ट करने के आरोप लगाए हैं। खतर सिंह पुत्र बारू राम ने बताया कि 18 जून को अचानक बीमार हुई एक महिला को आपातकाल में उपचार के लिए शिलाई अस्पताल लाना था। 108 को फोन करने पर शिलाई अस्पताल से बेला के लिए 108 चली लेकिन एनएच 707 से जब गाड़ी को बेला सड़क में मुड़ना था तो 108 के चालक ने कहा कि सड़क खराब है। उसने वहीं से एंबुलेंस वापस मोड़ ली।
तीमारदार कहता रहा कि सड़क ठीक है। जहां सड़क ठीक नहीं लगेगी वहां से आगे मत जाना लेकिन उसने एक नहीं सुनी। उसे मजबूरन निजी वाहन का महंगा किराया चुकाकर मरीज को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। शिकायत पत्र में लोक निर्माण उपमंडल शिलाई के बेला सड़क पर कार्यरत मेट की सड़क ठीक होने की बात भी लिखी गई है। उधर, लोनिवि के मेट नरेश चौहान ने बताया कि यह मार्ग वाहनों के लिए खुला है। दर्जनों वाहन प्रतिदिन आ जा रहे हैं।
उधर, एसडीएम कार्यालय से शिकायत पत्र मिलने की पुष्टि हुई है। एसडीएम ने कहा कि मामले की संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
----------------